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FAT32 Advantages and Disadvantages?

Hello Friends, In this blog post I am going to let you know about the advantages and disadvantages of the FAT32 file system.

As we know that FAT32 is a file system that you would have seen in the study of the operating system. it is more like a traditional DBMS system where the information is stored in the form of hierarchy.

FAT32 Advantages:

The boot sector is automatically backed up at a specified location on the volume, so FAT32 volumes are less susceptible to single points of failure than FAT16 volumes.

FAT32 is best for cross-compatibility with other platforms. FAT32 is more robust. FAT32 also reduces the resources necessary for the computer to operate.

FAT32 uses small clusters, so it allocates disk space more efficiently than FAT16. Depending on the size of your files, FAT32 creates the potential for tens and even hundreds of megabytes of additional free disk space on larger volumes compared to FAT16.

The root folder of the FAT32 drive is an ordinary cluster chain and can be located anywhere on the volume. For this reason, FAT32 does not restrict the number of entries in the root folder.

FAT32 can automatically use the backup copy of the file allocation table instead of the default copy(with FAT16, only a disk repair tool such as Chkdsk can implement backup.

Disadvantages of the FAT32 file system:

More than one identical copy of FAT is maintained for protection.

There is no built-in file system security or compression scheme with FAT32.

The largest FAT32 volume that windows 2000 can format is 32GB.

FAT32 volumes are not directly accessible from an operating system other than windows 95 OSR2 and windows98.

If you have a startup failure, you can not start the computer by using MS-DOS or windows 95(excluding version OSR2 and later) bootable floppy disk.

In the case of any queries, you can write to us at a5theorys@gmail.com we will get back to you ASAP.

Hope! you would have enjoyed this post about the advantages and disadvantages of the FAT32 file system.

Please feel free to give your important feedbacks in the comment section below.

Have a great time! Sayonara!

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What Is Disk Scheduling In Hindi? disk scheduling क्या होती है?

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग में मै आपको disk scheduling के बारे में बताने वाला हूँ | हो सकता है आपने इसे ऑपरेटिंग सिस्टम विषय के अन्तर्गत पढ़ा हो| multiprogrammed computing सिस्टम में जहाँ पर कई सारे प्रोग्राम एक साथ execute होते है, और यहाँ पर कई सारी processes ऐसी हो सकती है जो की disk रिकॉर्ड को read एवं write करने के लिए request कर रही हो |

और कभी कभी ऐसा होता है कि इन प्रोसेसेज कि request बहुत फास्टर होती है इन्हे सर्विस करने कि स्पीड से, इस बजह से कई बार प्रत्येक डिवाइस के लिए एक waiting queues build हो जाती है |

वैसे आमतौर पर जो request पहले आती है उसे पहले सर्विस किया जाता है | इसके बाबजूद हमें disk scheduling कि जरुरत क्यों पड़ती है ?

कुछ computing सिस्टम इन requests को सामान्यतः फर्स्ट के फर्स्ट सर्वे के बेसिस पर सर्विस करते है| कहने का मतलब जो रिक्वेस्ट पहले आती है, उसे पहले सर्विस दी जाती है, अथवा पूरी तरह से execute होने के लिए रिसोर्स मिलता है |

FCFS एक बहुत ही साफ़ सुथरी प्रक्रिया है रिक्वेस्ट को सर्वे करने के लिए, लेकिन जब request के आने कि दर ज्यादा हो जाती है तब FCFS का उपयोग एक लम्बा वेटिंग टाइम क्रिएट कर देता है जहाँ पर रिक्वेस्ट को एकलम्बा इंतज़ार करना पड़ता है अपने से आगे वाली एक लम्बी request ख़तम होने का, जबकि उसके बाद वाली रिक्वेस्ट बहुत कम execution टाइम कि होती है |

इसलिए FCFS scheduling में generate होने वाली इस समस्या से निजात पाने के लिए हम requests को कुछ अलग तरीके से सर्विस करते है, और इस प्रोसेस को हम disk scheduling कहते है|

इस disk scheduling प्रक्रिया के अंतर्गत हम pending process का बहुत बारीकी से अध्ययन करते है और ऐसी processes को सर्विस देने के लिए सबसे उत्तम विकल्प खोजते है|

disk scheduling के अंतर्गत, डिस्क scheduler सबसे पहले सभी processes के मध्य positional relationship का पता लगाते है इसके बाद इस आधार पर सर्विस queue को रिकॉर्ड किया जाता है, जिससे कि सभी request एक minimum mechanical motion के साथ सर्विस हो सके |

सबसे ज्यादा यूज होने वाली disk scheduling policies निम्नलिखित है |

  • FCFS(first come first serve) disk scheduling.
  • SSTF(shortest seek time first) disk scheduling.
  • SCAN disk scheduling.
  • Circular SCAN(C-SCAN) disk scheduling.
  • LOOK disk scheduling.
  • C-LOOK disk scheduling.

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते a5theorys@gmail.com पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘Disc Scheduling‘ को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

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Deadlock in the distributed operating system in Hindi? डैडलॉक क्या होता है?

हेलो दोस्तों, आज के इस ब्लॉग में मै आपको डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम में होने वाले Deadlock के बारे में बताने जा रहा हूँ | डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में deadlock कुछ उसी प्रकार होता है, जैसा कि सिंगल प्रोसेसर सिस्टम में होता है | बस इसमें सबसे बड़ी दिक्कत जो होती है, वो ये होती है कि, इन्हे अवॉयड, prevent और detect करना कठिन होता है | और अगर हमें डेडलॉक के बारे में पता भी चल जाता है तो इसे cure करना बड़ा मुश्किल होता है, क्योकि साडी relevant इनफार्मेशन कई मशीनो में फ़ैल चुकी होती है |

सबसे पहले जो लोग Deadlock नहीं समझते वो समझते वो समझ ले कि डेडलॉक आखिर होता क्या है ?

इस Deadlock को हम बहुत ही सिंपल example से समझते है| deadlock उत्पन्न होता है डिपेंडेंसी के कारण, अगर आप को किसी काम को करने के लिए किसी वस्तु या औजार कि जरुरत है और वो वस्तु और औज़ार किसी और के पास हो तो फिर इस सिचुएशन को deadlock बोलेंगे, क्योकि यहाँ आप का काम एक रिसोर्स पर देपेंद कर गया है जो कि किसी और के पास है | जिस तरह नए घर के निर्माण के समय जब तक छत के लैंटर के लिए बेस नहीं बनता तब तक लाइट वाला लाइट के पाइप नहीं बिछा पता| इस तरह से लाइट वाला depend हो जाता है कारीगर पर|

कुछ लोग इस डिस्ट्रिब्यूटेड Deadlock को दो भागो में बाँट कर देखते है | एक है communication deadlock एंड सेकंड इस resource Deadlock . कम्युनिकेशन Deadlock होने का सिनेरियो देखते है, जब कोई प्रोसेस A प्रोसेस B को मैसेज सेंड करने कि कोशिश कर रही और प्रोसेस B प्रोसेस C को मैसेज भेजने कि कोशिश कर रही है और प्रोसेस C प्रोसेस A को मैसेज भेजने की कोशिश कर रही है | और इस कारण से यहाँ deadlock की सिचुएशन क्रिएट हो जाती है |

और एक resource Deadlock तब होता है जब कोई कुछ प्रोसेसेज किसी I/O डिवाइस , फाइल्स , लॉक्स या अन्य कोई और रिसोर्सेज को यूज करने के लिए लड़ती रहती है |

Deadlock को हैंडल करने के लिए 4 रणनीति निम्नलिख्ति है |

The ostrich algorithm (Ignore the problem )
Detection (allow deadlock to occur, detect them, try to recover)
Prebention (statically make deadlock structurally impossible)
Avoidance(Avoid deadlock by allocating resource carefully)

ये चारो strategies potentially applicable है डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम के लिए | ऑस्ट्रिच अल्गोरिथम जितनी सिंगल प्रोसेसर सिस्टम के लिए पॉपुलर और अच्छी है उतनी ही वो डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम के लिए पॉपुलर और अच्छी है | डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में प्रोग्रामिंग, ऑफिस ऑटोमेशन, प्रोसेस कंट्रोल और कई सारी एप्लीकेशन में इसका यूज होता है|

Deadlock detection और रिकवरी भी काफी पॉपुलर है | क्योकि prevention अथवा avoidance काफी कठिन पड़ जाते है | deadlock prevention भी पॉसिबल है पर यह सिंगल प्रोसेसर सिस्टम की तुलना में डिस्ट्रिब्यूटेड सस्टम में ज्यादा कठिन होता है | deadlock avoidance का डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम मेम कभी यूज नहीं किया जाता, यहाँ तक कि इसे सिंगल प्रोसेसर सिस्टम में भी यूज नहीं किया जाता|

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते a5theorys@gmail.com पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘deadlock in distributed operating system in hindi‘ को खूब एन्जॉय किया होगा|

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आपका समय शुभ हो|