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FDDI Network In Hindi, FDDI Network हिंदी में?

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट में मै आपको एक बहुत ही मज़ेदार LAN network के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसका नाम है FDDI Network। FDDI का फुल फॉर्म होता है (fiber distributed data interface )।

FDDI एक हाई performance fiber optic LAN नेटवर्क होता है, जो कि 200 km का क्षेत्र cover करता है। FDDI नेटवर्क में डाटा स्पीड लगभग 100 Mbps होती है और इसमें लगभग 1000 स्टेशन कनेक्टेड रहते है।

इस नेटवर्क(FDDI) की हाई band -width होने के करण इसे copper LANs connection के टाइम backbone की तरह यूज़ किया जाता है, मतलब की यह कनेक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । इसे आप निचे हुए चित्र में भी देख सकते है ।

Fddi-Ring
FDDI Network In Hindi: Fddi-Ring

FDDI नेटवर्क में multimode फाइबर का यूज़ करते है, क्योकि 100 Mbps स्पीड पर चलने वाले नेटवर्क के लिए singlemode फाइबर का यूज़ करना अतिरिक्त खर्चे को बढ़ा देता है जिसकी कोई जरुरत नहीं।

FDDI, laser की जगह LEDs का यूज़ करता है, लेकिन यह केबल इस कारण से नहीं कि LEDs कॉस्ट effetive होता है बल्कि यह इस कारण से यूज़ करता है क्योकि कभी कभी FDDI को डायरेक्टली यूजर workstations से कनेक्ट करने के लिए यूज़ किया जाता है।

FDDI कि डिज़ाइन कुछ इस प्रकार होती है कि यह 2.5x10pow10 बिट्स में एक से ज्यादा error को call नहीं करती ।

FDDI केबलिंग में दो तरह कि fiber ring होती है, एक क्लॉक वाइज डायरेक्शन में ट्रांसमिशन करती है और दूसरी एंटी-क्लॉक वाइज डायरेक्शन में ट्रांसमिट करती है। अगर किसी कंडीशन में एक केबल ब्रेक होती है तब हम दूसरी केबल को बैकअप की तरह यूज़ कर सकते है।

और अगर किसी परिस्थिति में दोनों ही ब्रेक होती है वो भी एक ही समय पर (जैसे कि फायर और केबल डक्ट में एक्सीडेंट कि कंडीशन में) तब हम एक single ring में दो रिंग को ज्वाइन कर सकते है, ऐसा हम लगभग दो बार कर सकते है।

FDDI के द्वारा स्टेशन कि दो classes define कि गयी है। क्लास A स्टेशन का यूज़ हम दोनों रिंग्स को कनेक्ट करने के लिए करते है। और class B स्टेशन (जो कि थोड़ा cheaper होते है) का यूज़ हम केवल एक रिंग को कनेक्ट करने के लिए करते है।

FDDI नेटवर्क में 5 में से 4 encoding scheme यूज़ होती है। Each group of 4 MAC symbols are encoded as a group of 5 bits on the medium. In 32 combinations, 16 are for data, 3 are for delimiters, 2 are for control, 3 are for hardware signalling and 8 are unused.

जो बेसिक FDDI protocol होता है वो ८०२।५ प्रोटोकॉल से बहुत ज्यादा similar या मिलता जुलता होता है। डाटा को transmit करने के लिए प्रत्येक स्टेशन को पहले token capture करना जरुरी होता है।

जब स्टेशन को टोकन मिल जाता है तब वह अपना डाटा फ्रेम ट्रांसमिट कर दता है और जैसे ही डाटा फ्रेम घूमकर पास में आने लगता है वैसे ही वह टोकन को remove कर देता है।

FDDI और 802.5 में difference यही है कि टोकन रिंग(token ring) में स्टेशन तब तक नया टोकन produce नहीं कर सकते जब तक उनका frame घूमघाम कर वापिस न आ जाये।

और FDDI में स्टेशन को परमिशन होती है कि वो जैसे ही अपना ट्रांसमिशन ख़तम करता है वैसे ही वह नया टोकन produce कर सकता है ।

इसका एक कारण यह है कि FDDI में 1000 स्टेशन कनेक्ट रहते है और यह 200 km के एरिया में फैला हुआ होता है, इसलिए टाइम को बचाने और और रिंग को ठोस होने से बचाने के लिए स्टेशन को transmission के तुरंत बाद नया टोकन produce करने कि permission दी जाती है।

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