internal sorting and external sorting in data structure in hindi feature

Internal Sorting and External Sorting In Data Structure In Hindi

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट में मैं आपको sorting के बारे में बताने जा रहा हूँ | आज के इस ब्लॉग में हम बात करने वाले है internal sorting and external sorting In Hindi |

अगर अपने कभी data स्ट्रक्चर सब्जेक्ट को स्टडी किया होगा तो अपने इस सॉर्टिंग के बारे में जरूर कुछ न कुछ पढ़ा होगा| सॉर्टिंग, डाटा को स्ट्रक्चर करने में बहुत मदद करता है, जिससे की हम डाटा को बहुत ही आसानी से ढूंढ पते है |

और अगर आप sorting के बारे में अभी तक कुछ भी नही जानते, तो भी कोई चिंता की बात नहीं है, आज के इस ब्लॉग को पढ़ कर आप internal sorting एंड external sorting के बारे में आसानी से समझ जायेंगे|

सबसे पहले में आपको internal sorting के बारे में बताने जा रहा हूँ | जब भी हम कुछ records की sorting करते है और उन्हें एक proper order में लगते है, और अगर वो सरे रिकार्ड्स main memory में exist करते है तब हम इस टाइप के sorting को internal sorting बोलते है |

इसे थोड़ा और सिंपल तरीके से समझिये, जैसे की इसका नाम है internal sorting , मतलब रिकार्ड्स के साथ जो भी ऑपरेशन होते है वो सभी internally होते है, suppose कीजिये की हमारे पास 5 records की एक फाइल है पर वो एक serial order में नहीं है |

तो इससे हमें क्या प्रॉब्लम होगी की जब भी हमें कोई रिकॉर्ड ढूंढ़ना होगा तो हमें पूरी list अथवा file को अच्छे से देखना पड़ेगा क्योकि वो serial order में नहीं है |

पर अगर हम अपनी फाइल के रिकार्ड्स को sort कर लेते है और सभी को एक arrange order में लगा लेते है तो फिर इस फाइल में कुछ भी सर्च करना बहुत ही आसान हो जाता है |

पर यह तभी possible है, जब records या तो बहुत काम हो और ज्यादा heavy न हो, जिससे की हमें रिकार्ड्स को proper आर्डर में move करने में दिक्कत न आये |

नीचे दिए हुए fig1 में एक फाइल है जिसमे 5 रिकार्ड्स दिए गए है अगर हम यहाँ पर फाइल के index key को increasing order में arrange करे तो हम देखते है की यहाँ पर actual records अपने आप sort हो गए है |

sorting actual records
Fig 1. sorting actual records

पर ऐसे case में जहाँ पर records का डाटा बहुत large होता है और उसे move करना impossible जैसा होता है अथवा अल्लोव नहीं होता तब हम ऐसे records को एक नयी pointer table द्वारा handle करते है, जिसमे हम pointer की हेल्प से डाटा को एक proper manner में arrange कर लेते है|

यह पॉइंटर टेबल actual में हमारा records नहीं होता है पर इस pointer table की मदद से हम अपने records को आसानी से काम समय में search कर सकते है |

यह पॉइंटर टेबल एक auxiliary table होती है जो कि एक external records की तरह होती है, यहाँ पर actual data मूव नहीं करता बल्कि pointer की हेल्प से data का movement दिखाया या फिर arrange किया जाता है |

इसलिए इस टाइप की sorting को हम एक्सटेर्नल सर्टिंग(external Sorting) बोलते है | इस प्रोसेस को हम sorting by address भी बोल सकते है ” |

नीचे दिए हुए fig2 को देखिये center वाली table file है , left में जो है वो हमारी initial pointer table है, right में दी हुई टेबल final sorted पॉइंटर टेबल है, जहाँ पर हमने फाइल टेबल के index को increasing order में sort कर दिया है |

sorting by using an auxiliary table of pointer
Fig 2. sorting by using an auxiliary table of pointer

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते a5theorys@gmail.com पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘Internal sorting and external sorting in data structure in Hindi’ को खूब एन्जॉय किया होगा|

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आपका समय शुभ हो|