Difference between the mutual fund and share market In Hindi? / Stock Market vs Mutual Fund/ Mutual fund और Share market के बीच क्या अंतर होता है? / इक्विटी म्यूचुअल फंड या शेयर

हेलो दोस्तों आज के ब्लॉग पोस्ट में मैं आपको Mutual fund और Share market के बीच में डिफरेंस बताने जा रहा हूँ | जैसा कि हम पिछले ब्लॉग में Share market के बारे में देख चुके है कि कैसे हम Share maket कि मदद से पैसा कमा सकते है और अपना पैसा इन्वेस्ट कर सकते है|

Share market में हम किसी भी कंपनी के कुछ शेयर खरीद कर कर उस कंपनी की कुछ मालिकाना हिस्सेदारी खरीद लेते है और जैसे ही वह कंपनी प्रॉफिट में जाती है तो उसके शेयर में भी उछाल होता है और फिर इस स्थिति में हम अपने Share को बेच कर प्रॉफिट कमा सकते है |

Mutual fund में हम कंपनी के हिस्सेदार नहीं बन सकते, जैसे कि नाम से ही स्पष्ट हो रहा है ‘Mutual fund’ मतलब कई लोगो का फण्ड जो कि एक एक Mutual fund scheme के तहत इन्वेस्ट करवाया जाता है फिर उन्ही पैसो से fund scheme manager Stock Market में Share खरीदते है और सारी चीज़ो को हैंडल करते है |

और जब उन्हें शेयर से प्रॉफिट होता है तो उसे सभी Mutual fund invester को बराबर बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाता है | मतलब यहाँ पर भी पैसा Share या stock market में इन्वेस्ट किया जाता है पर वो आप नहीं करते है वो Mutual fund scheme के fund manager करते है |

mutual fund vs share market in hindi
mutual fund vs share market in hindi

उदहारण के लिए, जैसे आप ने अपना पैसा real estate Mutual fund में लगाया तो आपका पैसा real estate के Share खरीदने में लगाया जायेगा | पर रियल एस्टेट में किस कंपनी के शेयर खरीदने है या नहीं यह सब बातें फण्ड मैनेजर decide करता है |

जो लोग Share market के बिज़नेस में है या फिर stock trading करते है वो लोग Mutual fund के बारे में भी कुछ जानकारी रखते होंगे और अगर नहीं भी रखते है तो बिलकुल चिंता मत करिये, आज के इस ब्लॉग पोस्ट में मै Share market और Mutual fund में अंतर बताने जा रहा हूँ, जिससे कि आपको Mutual fund और Share market में अंतर स्पष्ट हो जायेगा |

Share market या फिर stock market में trading करने के लिए हम सबसे पहले कोई एक demat account खोलते है और फिर अपने demat अकाउंट से Share को खरीदना और बेचना चालू करते है | इस केस में Share पर हमारा पूरा कण्ट्रोल होता है |

इसके दूसरी तरफ Mutual fund में भी हम Share खरीदते है या फिर इन्वेस्ट करते है पर यहाँ पर हम Shares को indirectly खरीदते है| Mutual fund में Share को खरीदने के लिए demat अकाउंट compulsory नहीं है, हम बिना demat अकाउंट के भी डायरेक्ट Mutual fund कि वेबसाइट पर जाकर विभिन्न तरीको से शेयर को खरीद सकते है | Mutual फण्ड में Share पर हमारा पूरा कण्ट्रोल नहीं होता है |

जैसा कि हमने ऊपर जाना कि Share market में शेयर पर हमारा पूरी तरह से मालिकाना हक़ होता है और हम यह खुद decide करते है कि शेयर को कब खरीदना है, कहाँ से खरीदना है, कहने का मतलब यहाँ पर सारे निर्णय हम खुद ही लेते है और डायरेक्टली किसी भी कंपनी के शेयर खरीद सकते है |

पर इसके विपरीत Mutual fund में हम डायरेक्ट ओनर नहीं होते है, यहाँ पर हम सिर्फ अच्छे से Mutual fund company में इन्वेस्ट करते हो और बाकि सारा काम कैसे कि market analysis , रिसर्च का काम स्कीम के fund manager द्वारा हैंडल किया जाता है |

Mutual fund में आपका पैसा मैनेज करने के लिए Mutual fund company आपसे से एक मिनिमल सालाना चार्ज लिया जाता है, जैसे कि आप साल भर में 100000 रुपया Mutual fund में इन्वेस्ट करते हो तो आपसे इसका 2 % चार्ज लिया जायेगा जैसे कि यहाँ पर आपको 2000 रुपया सालाना चार्ज लगेगा|

ऐसा भी नहीं है कि Mutual fund में इन्वेस्ट करने के लिए आप के पास बहुत सारा पैसा होना चाहिए, Share market की ही तरह आप यहाँ पर भी बहुत थोड़े पैसे से investment सुरु कर सकते हो | इसकी शुरुआत आप 500 या 1000 रुपया से भी कर सकते हो | बहुत सारी borkerage firm है जो कि आपको बहुत कम पैसा भी इन्वेस्ट करने देती है |

Mutual fund और Share market में से कौन better है ?

देखिये दोनों ही Share purchasing scheme है और दोनों का ही अपना अपना महत्व है | पर मोटे तौर पर देखा जाये तो Mutual fund में कई लोगो का पैसा लगा होता है और उसे हैंडल भी fund manager करता है तो यहाँ पर रिस्क फैक्टर बहुत कम होता है | जबकि अकेले Share को होल्ड करना या परचेस करना थोड़ा रिस्की हो सकता है, वो भी तब जब आपको Share market का आईडिया थोड़ा कम हो तो |

पर अगर आप को Share market का अच्छा नॉलेज और एक्सपीरियंस है तो फिर आप के लिए किसी भी स्कीम में रिस्क न के बराबर होता है चाहे वह Mutual fund हो या फिर Share market |

क्या Mutual fund में पैसा लगाना बुरा है ?

वैसे तो ऐसा कुछ भी नहीं है, आज लाखो लोग Mutual fund में पैसा लगा रहे है| फिर फायदा और घटा तो हर स्कीम के साथ जुड़े होते है, यह तो निर्भर करता है कि आप कितनी अच्छी तरह स्कीम को यूज़ कर रहे हो | हाँ अगर इन्वेस्टर Mutual fund के नेगेटिव फैक्टर्स की साइड देखता है तो उसे Mutual fund में पैसा लगाना बुरा ही लगेगा |

जैसे कि Mutual fund में yearly एक्सपेंस चार्जेज, कई सारे छिपे हुए फ्रंट-एन्ड एंड बैक-एन्ड चार्जेज, और फिर Mutual fund में इन्वेस्टर Share को खरीदने के लिए खुद कोई भी डिसिशन नहीं ले सकता है | तो अगर कोई इन सारे फैक्टर्स पर जोर देकर सोचेगा तो उसे Mutual fund में इन्वेस्टमेंट करना बुरा लगेगा | बल्कि आज लाखो लोग Mutual fund में इन्वेस्ट करके काफी बढ़िया पैसा बना रहे है |

Conclusion :

दोस्तों, तो आज के इस ब्लॉग में आपको Share market और Mutual fund में अंतर के बारे में काफी कुछ क्लियर हो गया होगा | इसे समझना बहुत ही आसान है | Share market और Mutual fund दोनों में ही Share को ख़रीदा जाता है पर Share market में यह काम हम खुद करते है और Mutual fund में यह काम Mutual fund scheme के fund manager करते है हमारा काम सिर्फ पैसा लगाना होता है |

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते a5theorys@gmail.comपर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘Difference between the mutual fund and share market In Hindi? / Stock Market vs Mutual Fund/ Mutual fund और Share market के बीच क्या अंतर होता है? / इक्विटी म्यूचुअल फंड या शेयर‘ को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.

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