csma

Compare CSMA, CSMA/CD, CSMA/CA Technique in MAC Layer.

CSMA:

A station sense before transmitting.

CSMA is used in LANs configured in a bus topology.

To a certain extent, it can reduce the collision. However, it does not eliminate the possibility and it does not provide the procedure to deal with them when they occur.

In CSMA a station continues transmission of a frame until the end of the frame even if a collision occurs.

CSMA/CD:

Station sense before transmission.

CSMA/CD is used in wired LANs as a MAC method.

It is the same as CSMA except that it includes procedures to detect a collision and deal with them when they occur.

If a station is transmitting and a collision is detected then transmission of the wasted frame is abandoned.

CSMA/CA:

station sense before transmission.

It is used with wireless LANs.

CSMA/CA is the same as CSMA/CD except CSMA/CA implements steps to prevent a collision from occurring.

We need to avoid collisions on wireless networks because they can not be detected.

Collisions are avoided through the use of CAMA/CA’s three strategies – the interframe space, the contention window, and acknowledgments.

In the case of any queries, you can write to us at a5theorys@gmail.com we will get back to you ASAP.

Hope! you would have enjoyed this post about CSMA, CSMA/CD, and CSMA/CA technique in the MAC layer.

Please feel free to give your important feedbacks in the comment section below.

Have a great time! Sayonara!

csma-carrier-sense-multiple-access

CSMA(Carrier Sense Multiple Access In Hindi) In Hindi. CSMA हिंदी में

हेलो दोस्तों, आज के इस ब्लॉग पोस्ट में मैं आपको बहुत ही इंटरेस्टिंग एंड इम्पोर्टेन्ट प्रोटोकॉल के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसका नाम CSMA है| इसका फुल फॉर्म है , carrier sense multiple access |

अलोहा(ALOHA) की तरह यह भी एक collision प्रोटोकॉल(protocol) की श्रेणी में आता है | इस CSMA प्रोटोकॉल के अंतर्गत कोई भी स्टेशन जो अपने डाटा फ्रेम को ट्रांसमिट करना चाह रहा है, वो सबसे पहले medium अथवा रास्ते को सेंस करेगा और देखेगा कि कही और कोई डाटा ट्रांसमिशन की प्रोसेस तो नहीं चल रही है अथवा कोई और स्टेशन अपना डाटा फ्रेम ट्रांसमिट तो नहीं कर रहा है |

और अगर medium अभी बिजी होता है तो स्टेशन अपना डाटा फ्रेम ट्रांसमिट करने के लिए वेट करता है | और जब मध्यम idle या फ्री होता है तब स्टेशन अपना डाटा ट्रांसमिट कर सकता है |

यहाँ पर हम साफ़ देख सकते है, कि यह प्रक्रिया ऐसे networks में बहुत कारगर सिद्ध होगी जहा पर एवरेज फ्रेम ट्रांसमिशन टाइम, प्रोपोगेशन टाइम से बहुत ज्यादा होता है | क्योकि collision वही पर होता है, जहा पर दो एक से ज्यादा यूजर एक साथ या फिर बहुत कम समय अंतराल में फ्रेम ट्रांसमिट कर देते है |

अगर कोई स्टेशन फ्रेम ट्रांसमिट करता है और वह फ्रेम आराम से बिना किसी collision के दूसरे स्टेशन तक पहुँच जाता है, तब यह सिर्फ इसलिए हो पता है कि सभी दूसरे स्टेशन को इस ट्रांसमिशन के बारे में पता होता है, इसलिए इसके कम्पलीट होने तक कोई और फ्रेम का ट्रांसमिशन नहीं करता|

CSMA द्वारा प्राप्त किया गया maximum utilization ALOHA और SLOTTED ALOHA से कही ज्यादा होता है| CSMA में maximum utilization दो बातों पर निर्भर करता है | एक तो लेंथ ऑफ़ फ्रेम एंड प्रोपोगेशन टाइम | longer the frame , shorter the propogation time , higher the utilization |

CSMA के अंतर्गत हम तीन Algorithm को देखेंगे जो हमें बताती है कि किसी भी स्टेशन को क्या करना चाहिए जब medium बिजी होता है|

1 – Persistent CSMA :

1 -परसिस्टेंट अल्गोरिथम का उपयोग हम ऐसे situation को avoid करने के लिए करते है जहा पर stations को transmission के पहले इंतज़ार करना पड़ता है, चाहे चैनल idle क्यों न हो |

इस algorithm के अंतर्गत एक पैकेट को चैनल में ट्रांसमिट किया जाता है, जिसकी probability 1 होती है | और यह चैनल को सेंस करता है, अगर चैनल idle होता है तो स्टेशन प्रोबेबिलिटी १ के साथ इम्मीडिएटली डाटा ट्रांसमिट कर सकता है और अगर बिजी होता है तो फिर स्टेशन वेट करता है|

और midium के idle होने कि situation में एक से ज्यादा stations एक साथ ट्रांसमिट करते है तो फिर collision होना निश्चित होता है, ऐसी situation में station एक random समय तक इंतज़ार करने के बाद फ्रेम को retransmit करते है|

इस प्रोटोकॉल(1-Persistent CSMA) के तहत स्टेशन medium को सेंस करता है और निम्नलिखित नियमो को फॉलो करता है:

(a) अगर Medium idle है तो ट्रांसमिट करो नहीं तो जो तो step (b) |
(b) अगर Medium बिजी है तो उसे continuously sense करते रहो और जैसे ही Medium idle हो जाये तो तुरंत फ्रेम को ट्रांसमिट कर दो |

non -Persistent CSMA :

कोई भी स्टेशन जो ट्रांसमिट करना चाह रहा है, पहले तो वो मध्यम को सेंस करता है और नीचे लिखे नियमो का पालन करता है|

(a ) अगर Medium idle है तो ट्रांसमिट करो ; goto step(b)
(b ) अगर Medium बिजी है तो तब कुछ समय(probability distribution टाइम और retransmission-delay) के लिए इंतज़ार करिये| और फिर स्टेप(a ) को रिपीट करिये|

P -Persistent CSMA :

P -Persistent को develop करने के मुख्य कारण यह थें कि, हम collision से उत्पन्न होने वाले interference को कम कर सके और throughput को बढ़ा सके| यह 1 -Persistent का एक general case है जिसे slotted चैनल पर apply किया जाता है|

इस protocol के अंतर्गत, अगर कोई स्टेशन फ्रेम ट्रांसमिट करने के लिए रेडी हो जाता है तब और सेंस करने पर चैनल भी idle होता है तब यह या तो probability p के साथ पैकेट send करता है या फिर यह एक time slot छोड़ कर packet send करता है with ा probability q = p -1 |

अगर दूसरा time slot भी idle होता है तब स्टेशन या तो probability p के साथ पैकेट भेजता है और दुबारा से defers करता है probability q के साथ| यह प्रोसेस तब तक रिपीट होती होती है जब तक या तो पैकेट ट्रांसमिटेड होता रहता है या फिर channel बिजी हो जाता है |

चैनल बिजी होने पर स्टेशन यह assume कर लेता है कि वह पर कोई collision हो गया था| ऐसी स्थिति में एक रैंडम समय के बाद स्टेशन फिर से ट्रांसमिशन attempt चालू करता है |

एक केस यह भी हो सकता था कि स्टेशन को शुरुआत में ही चैनल busy मिलता तब स्टेशन next स्लॉट के लिए wait करता और फिर से अपनी वही process चालू कर देता है |

यह प्रोसेस collision को कम करने की एक ऐसी विधि है जैसे की non -Persistent और idle time तो कम करने की विधि जैसे कि p -Persistent .

इसके(P-Persistent CSMA) नियम निम्नलिखित है |

(a) अगर medium idle है तब probability p के साथ transmit करो और probability (1 -p) के साथ one time यूनिट डिले करो, यह डिले टाइम यूनिट maximum propogation time के बराबर होती है |
(b) अगर medium busy है तब चैनल को sense करना जारी रखो, जब तक कि वो idle नहीं हो जाता, और इसके बाद रिपीट((a)|
(c). अगर ट्रांसमिशन एक यूनिट टाइम delay होता है तब repeat step (a) |

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते a5theorys@gmail.com पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘CSMA(carrier sense multiple access in hindi)’को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|