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White Box Testing in Hindi? वाइट बॉक्स टेस्टिंग क्या है हिंदी में?

हेलो दोस्तों आजके इस ब्लॉग में मै आपको वाइट बॉक्स टेस्टिंग(white Box Testing) के बारे में बताने जा रहा हूँ | वैसे अगर अप्प टेक्निकल फील्ड से है तो टेस्टिंग के बारे में जरूर जानते होंगे या सुना तो जरूर होगा| अगर अपने नहीं भी पढ़ा और सुना है तो कोई चिंता की बात नहीं | हम यहाँ आपको सब कुछ बताएँगे टेस्टिंग के बारे में |

टेस्टिंग(testing) एक सामान्य शब्द है जिसका मतलब होता है किसी भी चीज़ का परिछण करना या फिर उसे चेक करना| यह चेकिंग एक्सटर्नल और इंटरनल दोनों तरह से हो सकती है | जैसे की उदाहरण के लिए, जैसे की गर्मी के सीजन में जब हम कूलर खरीदने के लिए जाते है तो सबसे पहले हम उसकी बॉडी देखते है की मजबूत है की नहीं या फिर कही से टूटी फूटी तो नहीं, यह हो जाती है |

बाहरी टेस्टिंग और फिर हम उस कूलर का मोटर और फैन चला कर चेक करते है या फिर कहे कि हम उसकी मेन वर्किंग टेस्ट करते है | और अगर सब कुछ सही होता है तो हम उस कूलर को खरीद लेते है | The concept of white box testing is also related with this example.

बस कुछ इसी तरह सॉफ्टवेयर के केस में भी होता है | वाइट बॉक्स टेस्टिंग (white Box Testing) उसका एक प्रकार है जिसका विवरण निम्नलिखित है|

वाइट बॉक्स टेस्टिंग (white Box Testing) एक ऐसी टेस्टिंग प्रक्रिया है, जिसमे सॉफ्टवेयर और सॉफ्टवेयर प्रोसीजर का बहुत बारीकी से अवलोकन किया जाता है | इस वाइट बॉक्स टेस्टिंग (white Box Testing) को गिलास बॉक्स टेस्टिंग(Glass Box Testing) भी कहा जाता है|

वाइट बॉक्स टेस्टिंग (white Box Testing) में जो टेस्ट केस बनते है वो निम्नलिखित चीज़ो को पता अथवा examine करने के लिए बनते है|

सभी independent path का examine करने के लिए जो की मॉड्यूल का हिस्सा है|


सभी logical path को देखना और उनके सही या गलत होने का पता लगाना |


सभी लूप को चेक करना एक सिमित दायरे में रह कर और उनके operational सीमा के अंदर|

हमें वाइट बॉक्स टेस्टिंग (white Box Testing) की जरुरत क्यों होती है?


वाइट बॉक्स टेस्टिंग (white Box Testing) को परफॉर्म करने तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित है|

एक केस यह हो सकता है कि प्रोग्राम को डिज़ाइन और इम्प्लीमेंट करते टाइम प्रोग्रामर ने कोई गलत assumption किये हो, जिसके कारण से प्रोग्राम में लॉजिकल errors हो सकती है | ऐसी लॉजिकल errors को डिटेक्ट करना और उन्हें सही करने के लिए हमें पुरे प्रोसीजर कि डिटेल्स को examine करना जरुरी है | इसलिए ऐसी सिचुएशन में हमें वाइट बॉक्स मॉडल (white Box Testing) का यूज करना पड़ता है |

फ्लो ऑफ़ कंट्रोल और डाटा को लेकर प्रोग्रामर किये गए assumption के कारण कभी कभी डिज़ाइन में errors हो सकती है | ऐसी स्थिति में वाइट बॉक्स मॉडल (white Box Testing) का यूज करना बहुत ही जरुरी हो जाता है|

ऐसी बहुत सी टाइपोग्राफ़िकल गलतिया हो सकती है, जिन्हे सिंटेक्स एंड टाइप चेकिंग प्रोसेस से गुजरने के बाद भी नहीं पकड़ा जा सका | ऐसी गलतिया वाइट बॉक्स (white Box Testing) चेकिंग के दौरान दूर हो सकती है|

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते a5theorys@gmail.com पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘White box Testing‘ को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|