tcp vs udp

TCP vs UDP In Hindi: Difference between TCP and UDP In Hindi, TCP और UDP में अंतर हिंदी में

TCP vs UDP In Hindi: हेलो दोस्तों, आज के इस ब्लॉग पोस्ट में मै आपको TCP और UDP प्रोटोकॉल के बीच में अंतर बताने जा रहा हूँ| TCP vs UDP में आप यह देखेंगे की TCP UDP से किस तरह अलग है, और इसमें से कौन सा प्रोटोकॉल किस situation में बेहतर है |

TCP और UDP प्रोटोकॉल में अंतर निम्नलिखित है |

TCP एक reliable connection-oriented protocol है, TCP हमें flow control, error control, loss control और sequencing की facility provide कराता है | जबकि UDP protocol एक connection less और unreliable प्रोटोकॉल है | यह कोई भी data sequencing, error control और loss control की सुविधा provide नहीं करता |

एक तरफ जहाँ TCP डाटा ट्रांसफर की गारंटी प्रोवाइड करता है, वही UDP प्रोटोकॉल डाटा ट्रांसफर की कोई गारंटी प्रोवाइड नहीं करता|

TCP प्रोटोकॉल, UDP प्रोटोकॉल से धीमा होता है , कहने का मतलब TCP प्रोटोकॉल में डाटा ट्रांसफर स्लो होता है UDP प्रोटोकॉल से, इसका कारण यह है है की UDP प्रोटोकॉल में कोई भी connection estabilishment और connection termination नहीं होता |

UDP प्रोटोकॉल TCP की अपेक्षा simple होता है, क्योकि UDP का header format छोटा है TCP के मुकाबले, इसलिए इसमें overhead कम होता है |

TCP का उपयोग वह पर किया जाता है जहाँ पर हमें security एंड reliability दोनों की ज्यादा जरुरत होती है | और UDP को उपयोग वहां पर किया जाता है जहाँ पर स्पिड और size ज्यादा important होती है |

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आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘TCP vs UDP: Difference between TCP and UDP protocol’ को खूब एन्जॉय किया होगा|

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आपका समय शुभ हो|