Web Hosting In Hindi/ Types Of Web Hosting हिंदी में/ Best Hosting 2020.

हेलो friends , आज के इस ब्लॉग पोस्ट में मैं आपको एक बहुत ही interesting टॉपिक के बारे में बताने वाला हूँ| और यह टॉपिक है Web hosting , जब भी आप में से किसी ने ऑनलाइन कोई बिज़नेस करने का सोचा होगा, तब आपने इस शब्द Web hosting को जरूर सुना होगा| क्योकि एक website or blog बनाने में इसका बहुत ही मत्वपूर्ण रोल होता है |

ऑनलाइन website और blog चलने के लिए हमें अपनी website का डाटा भी कही न कही रखना पड़ता है और जिस स्थान पर हम अपनी वेबसाइट का डाटा रखते है उस स्थान को प्रोवाइड कराने वाले को हम Web hosting provider कहते है | और डाटा रखने कि इस process को हम Web hosting कहते है |

एक word होता है website hosting or Web hosting and एक word होता है domain होस्टिंग, क्या ये दोनों same होते है ?

वैसे तो Web hosting अपने आप में एक complete process है क्योकि आज कल जितने भी hosting plan होते है उनमे कम से कम एक डोमेन तो आप create कर ही सकते है और ज्यादा domain create or host करना आपके प्लान पर depend करेगा|

अगर आप बड़ा वाला प्लान परचेस करते है तो निश्चित ही आप ज्यादा डोमेन क्रिएट कर पाएंगे| इसलिए जब आप कोई hosting plan परचेस करते है और उस प्लान में आप अपनी website के साथ domain भी होस्ट करते है तब हम इस सिनेरियो को Web hosting बोलते है |

और अब बात करते है domain hosting की| समय के साथ जब हमारा बिज़नेस grow करता है तो हम और कुछ website लांच करने के बारे में सोचते है | और इसके लिए हमारे पास hosting पहले से होती है जिसमे हम unlimited website होस्ट कर सकते है | पर हमारे होस्टिंग प्लान में फ्री domain सिर्फ एक होता है जो हम पहले ही उसे कर चुके होते है |

अब एक ऑप्शन तो यह है कि हम अपने hosting provider से ही एक डोमेन परचेस कर ले, पर यहाँ पर हमारे सामने दिक्कत यह आ सकती है कि हमारे होस्टिं प्रोवाइडर कि domain cost थोड़ा ज्यादा हो सकती है जो हम अभी afford नहीं कर सकते |

इसलिए हम decide करते है कि हम अपना नया domain एक नए domain provider से लेंगे| तो यहाँ पर हम नया domain purchase करते है एक different provider से| तो इस प्रोसेस हो हम domain hosting बोलते है |

अब हमारी website OR होस्टिंग अलग जगह पर है और हमारा domain अलग जगह पर है | और अब हम अपने domain को अपने hosting के साथ use करना चाहते है |

इसके लिए हमें simply अपने hosting provider के dns records or nameserver records अपने domain provider साइट पर अपडेट करना पड़ेगा | इसके baad हमारा domain हमारी hosting site पर बनायीं गयी नयी website पर point करने लगेगा|

तो यहाँ पर आपने देखा कि हमारा domain और website अलग अलग होस्ट है, पर हमने domain के dns records अपडेट करके उसे use किया है और अब वह हमारी website को पॉइंट करने लगा है |

तो आप एक सिंपल लैंग्वेज में बोल सकते है कि, ऐसे प्रोसेस जिसमे हम अपनी website और website data को एक स्थान पर रखते है, Web hosting कहलाती है| और ऐसे प्रोसेस जिसमे हम अपने domain को एक स्थान पर रखते है, domain hosting कहलाती है
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Web hosting के कितने प्रकार होते है ?

Web hosting के निम्नलिखित प्रकार होते है |

Shared Web Hosting
Virtual Private Server (VPS)
Dedicated Hosting
Cloud Web Hosting

Shared Web hosting :

जैसे कि इसके शब्द से ही क्लियर होता है कि इसमें hosting share होती है| कहने का मतलब यह होता है कि हमारे hosting space को कई सारी website share करती है |

यह शुरुआत करने के लिए अच्छा प्लान होता है, पर जैसे जैसे आपकी वेबसाइट कि पॉपुलैरिटी बढ़ती जाती है और आप का यूजर बेस ज्यादा होता जाता है, और आपके वेबसाइट विज़िटर बहुत ज्यादा हो जाते है तब यह प्लान आपके लिए उपर्युक्त नहीं होगा| क्योकि यह आपकी वेबसाइट कि प्रोसेसिंग को बहुत स्लो कर सकता है सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण |

example के लिए मान लीजिये एक अपार्टमेंट में 4 लड़के 4 अलग अलग कमरे में रहते है, पर वो सभी एक कॉमन वाशरूम use करते है | अब मान लीजिये उनमे से एक लड़के के hometown से आये दिन उसके relatives और उसके दोस्त मिलने के लिए आते है, तो ऐसे स्थिति में वो सभी उस वाश रूम का use करते है|

और इससे होता यह है कि जिस लड़के के relatives और friends आते है उसे अब प्रॉब्लम होने लगती है क्योकि अपार्टमेंट में रह रहे बाकी तीन लड़के भी वाश रूम को use कर रहे होते है और वह अक्सर वाशरूम को लम्बे टाइम के लिए engage कर लेते थे, जिससे उस लड़के और उसके friends व relattives को kafi इंतज़ार करना पड़ जाता था| जिससे उसका रेगुलर सचेडूले काफी स्लो हो जाता था |

तो ऐसा ही कुछ सीन shared hosting में होता है | जब किसी website का user base बढ़ जाता है तो उसकी वेबसाइट की processing और loading slow हो जाती है क्योकि उस space को और भी बहुत सारी website access करती है | इसलिए यह shared hosting plan beginners के लिए ही अच्छा होता है|

Virtual private server (VPS):

यह कुछ ऐसे ही होता है जैसे आप एक बड़ी बिल्डिंग में एक फ्लैट रेंट पर लेते है , तो उस फ्लैट के ओनर भी आप ही होते है और उसका रेंट भी आप ही भरते है| कहने को तो वो बिल्डिंग सभी लोगो का address होती है पर उस बिल्डिंग में उस सभी के personal space or फ्लैट होते है |

बस कुछ इसी तरह virtual private server भी इसी तरह होते है, सभी websites एक ही physical server में रहती है मतलब एक ही building में रहती है, पर इसमें सभी websites के लिए एक निश्चित space allocated किया होता है, मतलब सभी के अलग अलग flat रहते है, कोई भी website एक दूसरे का space use नहीं कर सकती है, जैसे कोई भी person एक दूसरे का फ्लैट use नहीं कर सकते है |

Dedicated server hosting :

यह एक विला अथवा बंगलो कि तरह होता है जहाँ पर सिर्फ आपका राज़ होता है| यहाँ पर आपको हर तरह की सुविधा उपलब्ध होती है | हाँ ऐसे बंगलो और उसमे मौजूद सुवधाओं के लिए आपको एक बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है |

कुछ इसी प्रकार dedicated server hosting में एक website को एक personal server assign होता है, उसमे दूसरी कोई भी website नहीं होती है और न ही उनका कंटेंट होता है | जिससे कि इसमें वेबसाइट processing कि स्पीड बहुत हाई होती है| ऐसे सर्वर उन्ही websites के लिए होते है जिनका user base बहुत ज्यादा होता है |

यह hosting costly होती है और ऐसे hosting plan generally इ-कॉमर्स वेबसाइट जैसे flipkart , amazon , ebay and etc. websites use करती है | इन websites कि speed बहुत ही fast होती है जिससे कि इनका एक बड़ा user base आसानी से प्रोसेस कर पाता है |

Cloud Web hosting :

cloud Web hosting एक नयी प्रकार कि hosting technique है जिसे आये हुए अभी कुछ ही समय हुआ है और धीरे धीरे यह बहुत ही popular होती जा रही है | processing और price के दृष्टि से यह बाकी hosting प्लान से काफी diffferent है |

इस cloud Web hosting में बहुत सारे server मिल कर एक website को process करते है, यह सारे server एक ग्रुप में रखे होते है जिसे हम cloud कहते है | यह hosting website को अच्छी performance और security देते है |

शुरू में इसके प्लान काफी महंगे थे पर अब बहुत सरे provider इसे बहुत ही अच्छे और सस्ते दामों में प्रोवाइड करवा रहे है| अब clould hosting में भी cheap plans की varities उपलब्ध है |

digital ocean और vultr जैसे कुछ cloud hosting provider बहुत ही सस्ते में cloud hosting कि सुविधा provide करवा रहे है |

और यह आपको एक महीने फ्री trial की सुविधा भी देते है, जिससे की आप अपनी website की performance और स्पीड चेक कर सके|

operating system के आधार पर Web Hosting को दो पार्ट में divide किया गया है |

Linux Web Hosting
window Web Hosting

Linux Web Vs Windows Web Hosting

सबसे पहले बात करते है linux based Hosting प्लान की, इसके प्लान अपेक्षाकृत सस्ते होते है, क्योकि linux एक ओपन source operating system होता है|

beginners और small business owner के लिए Linux Web Hosting प्लान suitable रहते है |

और window Web Hosting plan अपेक्षाकृत थोड़ी महंगे होते है | यह Hosting plan licence के साथ होते है इसलिए इनकी cost ज्यादा होती है| यह Hosting plan ज्यादा secure होते है |

Best Hosting In Hindi 2020.

अच्छी ट्रैफिक leads के लिए:

Beginners के लिए:

Few important terminologies related to web hosting

Web-space :

यह वह memory होती है जो हम अपने website के content को रखने के लिए लेते है| अगर हमारी वेबसाइट में ज्यादा कंटेंट नहीं रहने वाला तो हमें ज्यादा स्पेस लेने की जरुरत नहीं होती है, और अगर हमारी वेबसाइट content based website और blog वेबसाइट होती है तो फिर हम unlimited space वाला प्लान सेलेक्ट करते है |

Bandwidth :

हमारी वेबसाइट की bandwidth उतनी ही होती हिअ जितना डाटा हमारी वेबसाइट 1 सेकंड में access कर सकती है | हमें हमेशा unlimited bandwidth वाला प्लान लेना चाहिए, specially जब हम अपनी website को एक लम्बे समय तक चलाने वाले है |

Unlimited bandwidth का फायदा यह होता है कि, जब हमारी वेबसाइट पर यूजर बेस बहुत ज्यादा भी हो जाता है तब भी हमारी वेबसाइट slow नहीं होती है | पर अगर bandwidth लिमिटेड रहेगी और user बेस ज्यादा होगा तो हमारी website कि performance बहुत slow हो सकती है |

Uptime :

जितने टाइम तक हमारी website ऑनलाइन उपलब्ध रहती है और यूजर उसे access कर सकते है वह उस वेबसाइट का uptime होता है | ज्यादातर होस्टिंग प्रोवाइडर 99% तक अपटाइम provide करते है |

Downtime :

यह टाइम वह टाइम होता है जब हमारी website borwser पर ओपन नहीं होती या यूजर उसे access नहीं कर पाते| तब इस situation को हम server down OR downtime बोलते है | यह बहुत कम समय के लिए होता है | ज्यादातर यह स्थिति सेवेर maintenance के टाइम बनती है, या फिर कोई technical fault आने पर |

Customer support :

ज्यादातर Web Hosting provider आपको 24×7 का support प्रोवाइड करते है | support टीम से contact करने के बहुत से माध्यम होते है, जैसे कि:

आप उन्हें टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते है|
आप उन्हें email send कर सकते है |
आप उनसे लाइव chat पर बात कर सकते है |

support टीम वाले ज्यादातर problems को बहुत कम टाइम में sort out कर देते है |

Conclusion:

इस ब्लॉग में हमने सीखा कि Web Hosting क्या होती है| Web Hosting के टाइप्स के types के बारे में पढ़ा| Web Hosting domain Hosting से किस तरह different होती है| हमने सीखा कि operating system के आधार पर इसे कितने पार्ट में डिवाइड किया गया है | हमने सीखा कि कौन से मौके पर किस टाइप के customer के लिए कौन सी Web hosting suitable होती है |

इस ब्लॉग में हमने जाना कि bandwidth , uptime , downtime , Web space क्या होता है, और प्लान परचेस करते टाइम इनका क्या measures दिमाग में रखना चाहिए| तो फाइनल words में Web Hosting वह स्थान होता है जहाँ पर हम अपनी website के डाटा को रखते है और अपने domain की मदद से website को borwser पर access करते है |

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते a5theorys@gmail.com पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘Web Hosting In Hindi/ Types Of Web Hosting हिंदी में’ को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.