Fast Tag In Hindi?|फास्टैग क्या है और ये कैसे काम करता है?

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(Fast Tag In Hindi) में मैं आपको Fast tag के बारे में हिंदी में जानकारी देने वाला हूँ | दोस्तों अगर आप कार या फिर कोई और चार पहिया वाहन चलाते हो या फिर यह आपके घर पर कोई भी चलता है तो फिर आपको यह Fast tag की जरुरी इनफार्मेशन जरुरी होना चाहिए |

सबसे पहले हम जान लेते है कि यह Fast tag(Fast Tag In Hindi) आखिर होता क्या है ?

दोस्तों यह Fast tag एक electronic पटटी(chip) है जिसमे एक चिप लगी रहती है और एक bar कोड लगा हुआ होता है | और इसको आप अपने कार अथवा अन्य वाहन के सामने वाले कांच में किसी भी स्थान पर लगा सकते है | वैसे इसको बीचो बीच लगाया जाये जो बहुत बेहतर रहता है |Fast Tag In Hindi|

पर हम इस Fast tag(Fast Tag In Hindi) को क्यों लगाते है | और इससे हमें क्या फायदा होता है ?

दोस्तों आपने पहले कभी टोल बूथ पर देखा होगा जिसमे एक पोल की मदद से हमारा रास्ता रोक लिया जाता था और फिर कुछ शुल्क देने पर वह उस पोल को ऊपर कर देते थे | और फिर हम वहां से आसानी से निकल जाते थे | और हमें एक रशीद पकड़ा दी जाती थी |Fast Tag In Hindi|

पर समय के साथ टोल बूथ की तस्वीर भी बदल गयी और अब काफी हाई-टेक टोल बूथ बनने लगे और उन पर कंप्यूटर रख कर लोगो की रशीद कटी जानी लगी |Fast Tag In Hindi|

पर अब इस टोल बूथ में एक और क्रन्तिकारी नियम आया है जिससे की अब पेमेंट आटोमेटिक हो जायेगा आपके Fast tag अकाउंट से | और अब आपको टोल बूथ पर ज्यादा देर तक रुकना नहीं पड़ेगा |

आपको अपना Fast tag अकाउंट बनवाना पड़ेगा और उसमे कुछ बैलेंस रखना होगा और फिर इस Fast tag को अपने वाहन के सामने वाले शीशे में चिपका लेना है |

इस Fast tag में एक चिप लगी होती है जिससे टोल बूथ पर आपका पेमेंट आटोमेटिक हो जाता है और आपके लिए द्वार खुल जाता है और आप आसानी से निकल जाते है |

पर यह Fast tag कहाँ से बनता है और इसे कैसे बनवाते है ?

दोस्तों Fast tag को बनवाना और उपयोग करना बहुत ही आसान है | आज कल लगभग सभी banks Fast tag की facility प्रोवाइड करते है | और कुछ payment gateway जैसे कि पेटम भी Fast tag की facility प्रोवाइड करता है |

और तो और दोस्तों आपको हर टोल प्लाजा में आपको फ़ास्ट टैग बनाने वाले बैंक के एजेंट भी मिल जायेंगे और वह 5 min से कम के समय में ही आपका फ़ास्ट टैग अकाउंट क्रिएट करके आपको आसानी से फ़ास्ट टैग दे देते है और आपके वाहन में चिपका देते है |

इसलिए अगर आपको बैंक जाने का टाइम न मिले तो आप आसानी से किसी भी टोल प्लाजा में 10 min का समय दे कर अपना Fast tag बनवाकर अपने वाहन में लगवा सकते है |

और Fast tag को आप online भी आर्डर कर सकते है और फिर आप खुद ही अपने वाहन में चिपका सकते है | फ़ास्ट टैग में कुछ रजिस्ट्रेशन शुल्क लग जाता है और कुछ बैलेंस आपको अकाउंट में मिल जाता है | जैसे कि अगर आ 350 का Fast tag बनवाते है तो फिर आपको इसमें 200 तक balance मिल जाता है | फिर ऑफर ऑफर पर भी depend करता है |

क्या Fast tag account बैंक अकाउंट से लिंक होता है ? क्या हमारा payment बैंक अकाउंट से कटता है क्या ?

दोस्तों इस बात में लोगो को बहुत ही confusion रहता है | तो आपको बता दूँ कि चाहे आप बैंक से Fast tag बनवाये या फिर toll plaza पर बनवाये आप को यह ऑप्शन रहता है कि आपको उसे बैंक अकाउंट से लिंक करना है या नहीं |

जैसे टोल प्लाजा पर एजेंट ने kotak बैंक का फ़ास्ट टैग अकाउंट बना दिया पर यह जरुरी नहीं है कि आपके पास कोटक बैंक का अकाउंट भी हो | क्योकि फ़ास्ट टैग को बहुत से माध्यम से रिचार्ज किया जा सकता है जैसे की Paytm , phone pay , और भी बहुत सारी फ़ास्ट tag की app उपलब्ध है |

तो यह कोई भी जरुरी नहीं है कि जिस बैंक का आपका अकाउंट को उसी का फ़ास्ट टैग भी हो और वो अकाउंट से लिंक भी हो |
हाँ पर अगर आप चाहे तो फ़ास्ट टैग को अपने बैंक अकाउंट से लिंक कर सकते को जिससे Fast tag का चार्ज नहीं होने पर चार्ज आपके बैंक अकाउंट से काट जायेगा |

पर दोस्तों सबसे सही सिस्टम तो यही है की आप अपने फ़ास्ट टैग में अलग से चार्ज करते रहे और उससे ही बैलेंस कटवाते रहे | इससे हमारा बैंक अकाउंट और उसकी डिटेल्स सेफ रहती है | और Fast tag खो जाने अथवा रेप्लस की स्थिति में कोई जोखिम का काम भी नहीं होता है |

अगर हमारी कार का गिलास चेंज हो गया? या हमारा फ़ास्ट टैग डैमेज हो गया ? या फिर हमारा वाहन चोरी हो गया इस केस में Fast tag अकाउंट का क्या होता है?

दोस्तों पहली बात तो अपने फ़ास्ट टैग अकाउंट में ज्यादा मात्रा में बैलेंस न रखे | क्योकि इसमें रिचार्ज आप कभी भी कर सकते है क्योकि यह बहुत ही आसान है |

और अगर किसी भी स्थिति में आपका Fast tag ग़ुम हो गया या फिर डैमेज हो गया है तो फिर आप आसानी से आप फ़ास्ट टैग को ब्लॉक अथवा क्लोज करवा सकते है और फिर आपका बकाया बैलेंस भी वो लोग रिफंड कर देते है जितना भी एप्लीकेबल हो |

इसके लिए हर Fast tag प्रोवाइडर आपको टोल फ्री कस्टमर केयर नंबर प्रोवाइड करवाता है | और आप इन्हे ईमेल के माध्यम से भी सूचित कर सकते है | और आप सीधे फ़ास्ट टैग प्रोवाइडर की वेबसाइट में जाके टिकट भी generate कर सकते है |

ऐसे करके आप अपने पुराने Fast tag को बंद करवा कर उसे replace कर सकते है एक नए Fast tag के साथ जिसमे आपका पुराना बैलेंस भी आपको मिल जाता है |

या फिर आप अपना पुराना Fast tag अकाउंट को क्लोज करके उसका रिफंड ले सकते है अगर आपके में बैलेंस था तो | और फिर नए प्रोवाइडर से फ़ास्ट टैग ले सकते है नया वाला | फिर यह आपकी मर्ज़ी है आपको जो भी उचित लगे|

जैसे कि कभी कभी टोल प्लाजा पर हमारा Fast tag डैमेज होने के कारण काम न करें और आपको उसी फ़ास्ट टैग प्रोवाइडर का कोई एजेंट न मिले तो ऐसे स्थिति में आप एक नया फ़ास्ट टैग नए प्रोवाइडर से लगवा सकते है और अपने पुराने वाले Fast tag को बाद में क्लोज करवा कर उसका बैलेंस रिफंड ले सकते हो |

पर हाँ दोस्तों अपने गाड़ी में लगे Fast tag के बारे में एक चीज़ जरूर पता रखे की वो कौन से बैंक का फ़ास्ट टैग है और उसमे कौन सा नंबर register है | और हर टोल क्रॉस करने के कुछ समय बाद आपके पास प्रॉपर मैसेज आ रहे है या नहीं |

अगर हम अपने वाहन में Fast tag नहीं लगवाते है तो फिर क्या होगा ?

और हाँ दोस्तों अब Fast tag का नियम पुरे देश में लागू हो गया है और अगर आप अपने वाहन में फास्टटैग नहीं लगवाते है तो फिर आपको डबल शुल्क देना होगा अपने वाहन के लिए | जैसे फ़ास्ट टैग पर अगर 60 rs . चार्ज कटना है तो फिर बिना फ़ास्ट टैग के आपको 120 rs . चुकाना होगा | इसलिए नुक्सान से बचने के लिए आप अपने वाहन पर Fast tag जरूर लगवाए |

क्या टोल बूथ के इस नए नियम में ग्राहकों के हित में भी कोई नियम है जो उन्हें जानना जरुरी है ?

जी हाँ इतने एडवांस सिस्टम करने के बाद और आपसे टोल बूथ पर इतनी भारी रकम बसूलने के बाद भी अगर आपको टोल पर ज्यादा समय रुकना पड़ता है तो फिर आपको टोल नहीं देना पड़ेगा |

टोल के गेट से 100 मीटर दूर एक लाइन खींची गयी है पिली लाइन अगर उस लाइन के बाद कोई भी गाड़ी खड़ी होती है या फिर किसी भी गाड़ी को टोल क्रॉस करने में 10 seconds से ज्यादा लग जाता है तो फिर उस vehicle को टोल नहीं देना पड़ेगा |

पर दिक्कत की बात यह है कि टोल चार्ज तो कट ही जाता है card से or फ़ास्ट टैग से और आप यह नियम बता कर अगर टोल बूथ से अपना पैसा वापिस मांगते है तो फिर आप ही समझ सकते है कि आप किस मुसीबत को दावत देने वाले है | हाँ अगर आप लड़ने में सक्षम है क़ानूनी तौर पर (भाई हाथ पैर की लड़ाई मत करना) तो आप भले ही टोल वालो से उलझ सकते है |

पर goverment को यह रूल्स भी automatic deduction के साथ इम्प्लीमेंट करने चाहिए और इसके लिए फ़ास्ट टैग के साथ ही कुछ सॉफ्टवेयर में चेंज करवाने चाहिए | जिससे कि customer के साथ नाइंसाफी न होने पाए|

Conclusion:

तो दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट(Fast Tag In Hindi) में हमने आपको Fast tag के बारे में बहुत सी important जानकारी विस्तार से हिंदी में दी है | Fast tag टोल बूथ पर पेमेंट करने का एक electronic माध्यम है | इसकी मदद से बिना गाड़ी को देर तक रोके आपका पेमेंट automatic हो जाता है और आपका रास्ता खुल जाता है और आप अपनी गाड़ी को पुनः रफ़्तार में निकाल सकते है | Fast tag आज के समय की एक अच्छी सुविधा है और इससे टाइम में बहुत बचत होती है | और इससे आप डबल चार्ज देने से बच जाते है जो कि आपको फ़ास्ट टैग के बिना देना पड़ता है | इसलिए जिहोने अपने वाहन में फ़ास्ट टैग नहीं लगवाया है वो ध्यान से इसे अपने वाहन में लगवाए |

इस ब्लॉग(Fast Tag In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट को खूब एन्जॉय किया होगा|Fast Tag In Hindi|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|Fast Tag In Hindi|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.

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