A5Theory Learn Tech. Build Digital. Grow Together.

Explain HTML 4 In Hindi(HTML 4.0 & 4.01)

Introduction

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(HTML 4 In Hindi) में हम आपको एक बहुत ही useful और interesting टॉपिक “HTML” के बारे में विस्तार से बताने वाले है |

html लैंग्वेज का उपयोग हम वेबसाइट बनाने के लिए करते है | आज के इस technical दौर में आप में बहुत से लोग रोज़ कोई न कोई अपने काम की वेबसाइट को विजिट करते होंगे |HTML 4 In Hindi|

HTML 4 In Hindi content img
HTML 4 In Hindi

क्या आपने कभी यह सोचा है कि एक्चुअल में यह वेबसाइट पेजेज कैसे बनते हैं?

अगर आप अभी भी नहीं जानते है तो फिर हमको आज इस ब्लॉग में विस्तार से हटम्ल के बारे में बताते है |

आज तक की कोई भी वेबसाइट जो आप विजिट कर चुके है या फिर अभी विजिट कर रहे है , हर वेबसाइट को बनाने के लिए जो फाउंडेशन लैंग्वेज होती है वो होती है html |

html का फुल फॉर्म होता है “Hypertext markup language”| html लैंग्वेज का उपयोग ही हम web pages और web applications को डिज़ाइन अथवा बनाने के लिए करते है |

एक वेबसाइट के अंदर यह एक ढांचे की तरह होता है जिसमें हम कंटेंट को बड़े ही सलीके के साथ रखते हैं।

कुछ एलिमेंट्स जिन्हें हम html की मदद से अपने पेज पर define करते हैं वो हैं headings, paragraphs, links, images , etc.|

html को आये काफी टाइम हो चूका है, जैसे कि इसकी शुरुआत 1990s से ही हो गयी थी और उस टाइम पर इसे scientific documents को शेयर करने के लिए उपयोग में लिया जाता था |

पर आज की डेट में यह लैंग्वेज बहुत सारे updation के बाद बहुत ही पावरफुल लैंग्वेज हो गयी है |

आज html के उपयोग से बहुत ही इंटरेस्टिंग, अमेजिंग, web applications और web pages develop किये जा रहे है जिसे आप इस दुनिया में कहीं से भी बैठ कर आसानी से access कर सकते है |

सबसे पहले आपको html4 की पूरी journey को समझना पड़ेगा तभी आप समझ पाएंगे कि html में इतने सारे टैग्स क्यों है,

और कैसे आज के समय पर हम modern लुक के लिए उसका बेहतर use कर रहे है |

तभी आप यह भी समझ पाएंगे कि आज के समय में web standard पहले की अपेक्षा इतना important क्यों है ?

तो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम html4 यात्रा करवाने वाले है जहाँ पर हम इसकी हिस्ट्री के बारे में विस्तार से जानेगे|

फिर चाहे वो बिलकुल शुरूआती html लैंग्वेज हो जहाँ पर कुछ गिने चुने हुए tags ही use होते थे या फिर वो आज कल के HTML versions हो जो थोड़ा ज्यादा जटिल हो गए है |

और इसके साथ ही हम html लैंग्वेज के संभावित फ्यूचर स्कोप और updation के बारे में भी discuss करेंगे |

HTML 4.0 (1997) and HTML 4.01 (1999)/HTML 4 In Hindi

Dec 1997 में हटमल 4 .0 version को रिलीज़ किया गया और फिर इसी version में कुछ छोटे-मोटे पर महत्वपूर्ण बदलाव करके एक revision version 4 .01 को देश 1999 में लांच किया गया|

वेब डेवलपमेंट फिलॉसफी में एक बहुत बड़े शिफ्ट का श्रेय इस version को दिया गया |

और इस version का mukhya काम standard पैटर्न को हटाने का था और फिर इसे हटाकर HTML डाक्यूमेंट्स के representation को CSS से separate कर दिया गया |

और इस transition को हैंडल करने के लिए आईये इसके तीन मुख्य प्रकार कुछ इस तरह है :

Strict:सभी presentational एलिमेंट्स(like and ) को deprecate कर दिया गया | और इसकी जगह CSS ने ले ली |

Transitional:backward compatibility के लिए deprecated presentational elements को allow कर दिया गया |

Frameset :यह सिर्फ उन documents के लिए था जो बहुत सारे pages को display करने के लिए frames का उपयोग करते थे |

इस version को लेन के पीछे मैं मकसद था accessibility को अच्छा करना, नए attributes को introduce करना|

और कुछ ऐसे नयी techniques को ईज़ाद करना जिससे उन users के लिए कुछ मदद हो सके जिन्हे कुछ disabilities है |

Conclusion :

तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपने इस ब्लॉग पोस्ट(HTML 4 In Hindi) को बहुत ही एन्जॉय किया होगा, और इससे आपको बहुत कुछ नया सीखने को मिला होगा | HTML की पूरी journey तब से लेकर अब तक बहुत ही मजेदार रही है, जिसमे innovation, compromise, और resilience तीनो थे|

Tim Berners-Lee के text -only version से लेकर आज के HTML तक HTML हमेशा evolve ही होता रहा है और सभी developers और users की जरूरतों को पूरा किया है | और HTML की सबसे अच्छी बात यह रही है कि इसने हमेशा ही backward compatibility को support किया है | कहने का मततब यह है कि पुराने बने web pages भी आज के अथवा फ्यूचर के ब्राउज़र में बहुत अच्छे से run हो पातें है या पाएंगे |

चाहे आप शुरूआती डेवलपर हो या फिर कोई trained developer अगर आपको HTML की हिस्ट्री की अच्छी समझ है तो फिर आप बहुत अच्छा, semantic (logical), और फ्यूचर-फ्रेंडली कोड लिख सकते है |और इसी के साथ साथ हटम्ल भी evolve होता रहता है एक ऐसे foundational language रहते हुए जो हम सभी को एक दूसरे से connect करती है |

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते support@a5theory.comपर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *