Problems of procedure-oriented language in Hindi?

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(Problems of procedure-oriented language in Hindi) में मैं आपको procedure oriented language और इसके Problems के बारे में हिंदी में जानकारी दूंगा |

अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढाई कर रहे है या फिर सॉफ्टवेयर फील्ड में काम कर रहे है तो फिर आप procedure oriented language और object oriented language के बारे में जरूर जानते होंगे |Problems of procedure-oriented language in Hindi|

वैसे तो इनकी definition सीधी सीधी है, procedure oriented लैंग्वेज में हम एक प्रोसीजर के तहत प्रोग्रामिंग करते है जिसमे हम top to बॉटम approach के तहत जरुरत के हिसाब से code लिखते चले जाते है |Problems of procedure-oriented language in Hindi|

और object oriented में हम किसी टास्क को कई सारे पार्ट में डिवाइड करके उन्हें अलग अलग develop करते है जिसमे कई सारी classes और उन classes के अंदर कई सरे methods हो सकते है |

देखिये यह procedure oriented approach पुरानी approach है और इनको C , pascal , और fortan लैंग्वेज द्वारा use किया जाता था | इस language में सभी टास्क एक main फंक्शन के अंदर लिखी जाती थी, और टास्क और जरुरत के हिसाब से इसे ऊपर से निचे तक लिखते चले जाते थे |

procedure oriented approach
procedure oriented approach

पर कुछ समय बाद जब object oriented language को डेवेलोप किया गया, तब programming की फील्ड में एक गति आ गयी और इसके basis पर बहुत सारे software इंडस्ट्रीज पनपने लगी और नए नए software बनाने के लिए काम करने लगी |

C++, PHP , Java ये सभी लैंग्वेज object oriented लैंग्वेज का use करती है | यहाँ पर हम टास्क को उनके क्लास के हिसाब से डिवाइड कर लेते है और फिर हर क्लास में उसके हिसाब से methods अथवा function को लिख लेते है |

object oriented approach
object oriented approach

इससे हमें बहुत ही आसानी हो जाती है और हम हर टास्क के लिए एक अलग मॉडल तैयार कर सकते है और उसे existing software में कभी भी ऐड कर सकते है | और प्रोग्रामिंग कोड को easily debug कर सकते सकते है | इसके लिए हमें पूरे कोड को देखने की जरुरत नहीं है हम particular क्लास में particular method को देख कर उसे ठीक कर सकते है |

object oriented programming में हम कोड को आसानी से reuse कर सकते है और हमें इसके लिए दुबारा से कोड लिखने की जरुरत नहीं है | हम किसी भी class अथवा function को जिसका कोड हमें use करना है को access कर सकते है और बिना दुबारा कोड लिखे हम उसकी functionality use कर सकते है |

यह तो था object oriented programming के फायदे, पर क्या आप जानते है की procedure oriented language में क्या क्या प्रोब्लेम्स थी, जिससे कि लोगो ने object oriented language को डेवेलोप किया और use करना चालू कर दिया |

Problems of procedure-oriented language in Hindi:

देखिये procedure oeriented लैंग्वेज की सबसे पहली समस्या यह थी कि procedure oriented language में हम कोड को reuse नहीं कर पातें है | मतलब कि एक बार हमने किसी टास्क के लिए कोई फंक्शन अथवा मेथड लिखा अब हमें उसमे कुछ दूसरी फंक्शनलिटी ऐड करनी है या फिर उसी मेथड को दुबारा use करना है तो फिर हमें उस मेथड को दुबारा से लिखना पड़ेगा | और इसमें हमारी एनर्जी और टाइम दोनों waste होगा |

और अगर प्रोग्राम अथवा मेथड 4 -6 लाइन का को तो कोई भी लिख लेगा पर suppose कीजिये अगर कोई मेथड 500 -1000 लाइन का हुआ तो क्या होगा या फिर 100000 लाइन का कोड हुआ तो क्या यह सब कर पाना संभव है |

procedure oriented language की दूसरी समस्या यह है कि यहाँ पर जब कोड की साइज 10000 लाइन्स को क्रॉस करती है तब डेवलपर का control प्रोग्राम पर से छूटने लगता है | और फिर इतने बड़े कोड को debug करने में उसे बहुत ज्यादा समस्या आने लगती है | और जब यही प्रोग्राम 100000 लाइन्स का हो जाता है, जैसे कि satalite को sky में भेजने वाले program बहुत लम्बे और complex होते है | तो फिर ऐसे प्रोग्राम जो एक प्रोसीजर में लिखा गया है को debug करने में बड़ी समस्या आती है |

और procedure oriented language के साथ तीसरी समस्या यह है की यह real life बेस्ड नहीं होते है अथवा human life से इसके कांसेप्ट मिलते जुलते नहीं है | जैसे human का बोलना एक activity है और सभी लोगो के पास अपनी अपनी voice होती है |

सभी लोग अपनी अपनी आवाज़ में बड़े ही आराम से बोल सकते है पर अगर किसी से यह कह दिया जाये की आपको किसी और की आवाज़ अथवा टोन में बोलना है तो फिर उसके लिए यह बहुत मुश्किल होगा क्योकि यह उसके लिए नेचुरल नहीं है |

बस इसी कुछ तरह procedure oriented language रियल लाइफ पर बेस्ड नहीं है कहने का मतलब natural नहीं है | जैसे कि example के लिए हम अपनी रियल लाइफ में अपने फ्रेंड्स से इंटरैक्ट कर सकते है | और इसी तरह प्रोग्रामिंग में भी friend code एक दूसरे से इंटरैक्ट कर सकते है |

और जिस तरह अपनी real life में हम अपने दुश्मनो से इंटरैक्ट नहीं करते है वैसे ही प्रोग्रामिंग में भी एनिमी कोड दूसरे एनिमी से इंटरैक्ट नहीं करता है |

तो यह सब कुछ समस्याएं है procedure oriented language में जिसकी बजह से फिर object oriented language को develop करके use में लाना पड़ा | वैसे अभी भी कई lagacy software और OS को procedure oriented language में ही develop किया जाता है | और कई सारे system software को भी procedure oriented language की मदद से ही डेवेलोप किया जाता है |

Conclusion:

तो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(Problems of procedure-oriented language in Hindi) में हमने object oriented programming और procedure oriented programming के बारे में जाना और समझा | और विशेषतौर पर हमने इस ब्लॉग में procedure oriented language में आने वाली परेशानियों को डिसकस किया | procedure oriented language का उपयोग करके हम एक पुरानी style की coding को कर सकते है जिसमे एक main function के अंदर सभी टास्क के लिए method लिखे जाते है और वो भी एक सीरियल आर्डर में जब जिसकी जरुरत होती है| इसमें कोड को reuse नहीं कर सकते है और बार बार हमें same कोड लिखना पड़ जाता है | जबकि object oriented language में हम अलग अलग मॉडल को अलग अलग क्लास में डिफाइन करके उन्हें reuse भी कर सकते है |

इस ब्लॉग(Problems of procedure-oriented language in Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.