यदि पृथ्वी घूमती है तो फिर हम क्यों नहीं घूमते है?

हेलो दोस्तों, आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको यह बताने वाले है कि यदि पृथ्वी घूमती है तो फिर हम क्यों नहीं घूमते है?

या फिर अगर हम पृथ्वी पर एक हाई jump करते है तो लौट कर उसी जगह पर कैसे गिरते है, जबकि अगर earth घूम रही है तो फिर हमें थोड़ी अगल बगल में वापिस गिरना चाहिए|

दोस्तों बचपन में टेक्स्ट बुक में भले ही हमें पढ़ा दिया जाता है कि पृथ्वी गोल है और वह घूम रही है सूर्य के चारो और, पर हम इस चीज़ को एक इनफार्मेशन की तरह पढ़ कर याद कर लेते है |

पर जैसे ही हम कुछ बड़े होते है और अपना होश सँभालते है वैसे ही यह इनफार्मेशन हमें थोड़ी अजीब अथवा आश्चर्य वाली लगने लगती है |

और हम अपना पूरा दिमाग लगा कर सोचते है कि क्या वास्तव में ऐसा होता है क्या?

पर आज के टेक्निकल युग में साइंस ने काफी तरक्की कर ली है और हम बहुत सी चीज़ो को अपने आँखों के सामने देख सकते है |

पर बात वही है न हर कोई अंतरिक्ष में तो जा नहीं सकता है, क्योकि उसके लिए आपको एस्ट्रोनॉट्स बनाना पड़ेगा या फिर अपने लिए एक स्पेसशिप hire करना पड़ेगा जो कि एक महंगा प्लान है |

तो फिर आप कैसे पता करेंगे की पृथ्वी घूम रही है पर आप स्थिर है अपनी जगह पर?

तो दोस्तों आपके confusion को दूर करने के लिए मै आज इस ब्लॉग पोस्ट में आपको example के साथ बताने वाला हूँ कि पृथ्वी भी घूम रही है और उसके साथ हम भी घूम रहे है |

पर कैसे?

दोस्तों आपने अपनी लाइफ में कभी न कभी बस और ट्रैन पर ट्रेवल किया होगा| तो जब आप ट्रैन में अंदर बैठे रहते है तो आपको यह महसूस होता है कि आप मूव कर रहे है |

शायद नहीं! आप कहेंगे कि ट्रेन मूव कर रही है पर मै तो बस बैठा हूँ| और ट्रेन मूव कर रही है यह भी आपको तब पता लगता है जब आप ट्रेन से बहार कोई वास्तु को देखते है |

हलाकि ट्रेन कोई बहुत विशाल structure नहीं है इसलिए आप अंदर बैठे और बिना बाहर देखे भी महसूस कर सकते है की ट्रेन मूव कर रही है या फिर रुकी हुई है |

पर जब एक चल रही बस अथवा ट्रेन में अचानक से ब्रेक लगता है तो आप अपने आपको आगे की तरफ एक झटका फील करते है | क्योकि आप और ट्रैन एक ही स्पीड से move करते हो |

पर यदि आप अपनी आँखों से ट्रेन को मूव करते देखना है तो फिर आपको ट्रेन से बहार आकर ट्रेन को मूव करते हुए देखना पड़ेगा|

बस कुछ इसी तरह अपनी पृथ्वी की कहानी है | पृथ्वी और पृथ्वी के वातावरण में मौजूद हर एक चीज़ उसी गति से मूव कर रही है जिस गति से पृथ्वी मूव कर रही है |

पर चूकि पृथ्वी की साइज इतनी बड़ी है की हमें यह एहसास भी नहीं होता है कि पृथ्वी मूव कर रही है | पर जब आप स्पेस में जा कर देखेंगे तो आप का confusion दूर हो जायेगा और आप पृथ्वी को मूव करते हुए देखेंगे|

अगर पृथ्वी एक दम से मूव करना बंद कर दे तो फिर हम सभी लोग पृथ्वी से बहार फिका जायेगे और पृथ्वी पर प्रलय आ जायेगा| खैर ऐसा होना अभी कुछ आने वाले सैकड़ो सालो तक मुमकिन नहीं है |

और यही कारण है कि जब आप पृथ्वी पर jump करते हो तो अपनी उसी जगह पर वापिस लैंड करते हो, क्योकि पृथ्वी के साथ आप भी उसी गति से मूव कर रहे हो |

अगर आपको इसे और अच्छे से समझना है तो आप यही jump बस अथवा ट्रेन के अंदर उसके फ्लोर पर खड़े हो कर करना आप यही पाएंगे की आप उसी जगह पर लैंड करेंगे जहाँ पर jump करेंगे|

अब अगर ऐसा नहीं होता तो फिर अगर आप बस के अगले भाग में jump करते और आप जैसे ही नीचे आते तब तक आप बस के पिछले भाग में आकर गिरते| पर ऐसा कुछ भी नहीं होता है |

पर जैसे हम ट्रेन के बाहर की चीज़ो को देख कर यह समझते है कि ट्रैन मूव कर रही है वैसे ही अगर आप खुले आसमान में ऊपर planets और स्टार की मूवमेंट को ध्यान से देखेंगे तो आप पाएंगे कि उनकी स्थिति में कुछ समय के बाद अंतर आ जाता है |

क्योकि इस ब्रह्माण्ड में हर एक चीज़ कही न कही पर मूव कर रही है | स्थिर कुछ भी नहीं है |

पर हाँ हो सकता है स्टार और प्लैनेट्स के बहुत दूर होने के कारण आपको उसके छोटे साइज के कारण ये अंतर भी ज्यादा समझ में न आये तो आप इसे एक basic से टेलिस्कोप की मदद से भी आराम से देख सकते है |

इस ब्लॉग को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.