space काला क्यों होता है ?/ Why does space look black?/space kala kyon hota hai?

हेलो दोस्तों आज के इस blog post(space kala kyon hota hai) में हम एक बहुत ही interesting fact डिसकस करने वाले है | और वह fact यह है की outer स्पेस में सूर्य के होने के बाद भी स्पेस black कलर का क्यों होता है ? वहां पर सूर्य का प्रकाश क्यों नहीं दीखता है ?

दोस्तों अगर आपको इसके पीछे की science पता है तो फिर यह आपके लिए कोई बड़े आश्चर्य की बात नहीं होगी पर अगर आप यह नहीं जानते है कि यह कैसे होता है तो फिर यह चीज़ आपको बहुत ही अजीब लगेगी की सूर्य की रौशनी से पूरी पृथ्वी पर उजाला है पर space में पूरा ब्लैक है |space kala kyon hota hai|

तो दोस्तों आईये हम जानते है कि आखिर स्पेस काला क्यों होता है ?|space kala kyon hota hai?

दोस्तों स्पेस के अंदर कोई भी mass नहीं होता है, कोई atmosphere नहीं होता है न ही कोई particles होते है | space एक दम vac की तरह है |

न वहां पर हवा है न ही कोई particles , इसलिए सूर्य की किरणे तो स्पेस में ट्रेवल करती है पर वो किसी भी पार्टिकल से टकराती नहीं है इसलिए हमें स्पेस के अंदर कोई भी चीज़ दिखाई नहीं देती है |

दोस्तों इसके पीछे एक बेसिक साइंस काम करती है और आप में से बहुत से लोग शायद इसको जानते भी होंगे |

हमें कोई भी वस्तु या चीज़ कब दिखाई पड़ती है ?

दोस्तों जब किसी वस्तु पर लाइट पड़ती है और फिर वापिस वो रिफ्लेक्ट हो कर हमारी आँखों में पड़ती है तब हमें वह वस्तु दिखाई पड़ती है |

इसलिए जब सुबह सुबह सूरज की रोशनी पृथ्वी पर आती है तो वह यहाँ पर उपस्थिति atmosphere , particles , वस्तु से टकराती है और जैसे ही वो रिफ्लेक्ट होती है तो हमें चीज़े दिखना स्टार्ट होती है |

पर जब स्पेस में कुछ है ही नहीं है तो फिर वहां पर लाइट किस चीज़ से takrayegi , इसलिए हमें स्पेस में कुछ भी नहीं दिखाई देता है, बस एक घनघोर अँधेरे के |

पर हाँ स्पेस में बहुत से तारो का प्रकाश और जगमगाहट आप देख सकते है, क्योकि यह तारे खुद ही लाइट emit करते है | पर यह हमसे बहुत ज्यादा दूरी पर स्थित होते है इसलिए हमें इनका बहुत ही कम प्रकाश दिखाई देता है |

पर हाँ तारों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण space में जगमगाहट रहती है, अगर ये तारे न हो तो फिर स्पेस में एक दम ही घप्प अँधेरा दिखाई देगा|

जब अंतरिक्ष यात्री space से पृथ्वी को देखते है तो फिर उन्हें पृथ्वी साफ़ साफ़ दिखाई देती है जिस भी हिस्से पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है | क्योकि सूर्य की किरणे पृथ्वी पर पडकर रिफ्लेक्ट होती है और फिर वह अंतरिक्ष यात्री की आँखों तक जाती है |

इस कांसेप्ट को आप बिना स्पेस में जाये भी अपने कमरे में रहकर आसानी से experiment करके समझ सकते है |

आप अपने कमरे में लाइट को बंद कर लीजिये और अपने हाथ में एक फोकस लाइट ले लीजिये जिससे कि एक फोकस straight लाइट beam निकलती हो |

अब आप अपने कमरे में इस लाइट को एक किसी भी डायरेक्शन में रख कर on कर दीजिये | आप जैसे ही लाइट को on करेंगे आप पाएंगे कि आपको सिर्फ वही वस्तु दिखाई पड़ रही है जो कि लाइट के सामने आ रही है और फिर लाइट reflect हो कर आपकी आँखों तक आ रही है |

बाकी कमरे में अभी भी आपको अँधेरा ही दिखाई पड़ेगा|

तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको यह space के काला होने का कांसेप्ट अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा | आप हमारे ब्लॉग पड़ते रहिये हम इसी तरह से अच्छी अच्छी जानकारी आपके साथ शेयर करेंगे|

इस ब्लॉग(space kala kyon hota hai) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट(space kala kyon hota hai) को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|space kala kyon hota hai|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.