Piggybacking In Hindi, पिग्ग्गीबैंकिंग हिंदी में 2020/ What is meant by piggybacking what are its advantages and disadvantages

हेलो दोस्तों, आज के इस ब्लॉग(Piggybacking In Hindi) में मै आपको piggybacking(Piggybacking in computer Networks in Hindi) के बारे में बताने वाला हूँ ।

What is piggybacking(Piggybacking In Hindi) in the computer network?

Piggybacking(Piggybacking In Hindi) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे किसी डाटा की रिसीविंग पर उसके acknowledgement को तुरंत नहीं भेजा जाता है ।

बल्कि हम उसे थोड़ी देर के लिए रोक के रखते है, और उसे अगली बार डाटा व जानकारी के साथ ही भेज देते है । कहने का मतलब नयी जानकारी व डाटा के साथ हम पुराने वाले डाटा का acknowledgement भेज देते है। इस पूरी process को हम Piggybacking( (Piggybacking In Hindi ) कहते है ।

अगर आपको अभी भी पिग्गीबैंकिंग समझ में नहीं आया है तो कोई बात नहीं हम आपको यहाँ एक सिंपल example की मदद से समझने का प्रयास करते है | दोस्तों इसका सबसे बढ़िया एक्साम्प्ले है joint account का जो की बैंक में कई लोग खुलवाते है | (Piggybacking In Hindi |

दोस्तों जॉइंट अकाउंट में हम एक और यूजर को अपने अकाउंट में जोड़ लेते है और फिर दोनों ही इस अकाउंट के मालिक हो जाते है | और दोनों की इस अकाउंट को condition के अनुसार एक्सेस कर सकते है | तो यहाँ पर इस चीज़ के फायदे भी है और कुछ नुकसान भी है |

फायदा यह है कि अगर एक यूजर इमरजेंसी के टाइम मौजूद नहीं होगा तो दूसरा यूजर इस अकाउंट से आसानी से पैसे निकल सकता है | और इसका नुकसान यह हो सकता है कि इस अकाउंट में पैसा कोई भी जमा करें पर एक यूजर की डेथ हो होने पर दूसरा यूजर पूरी तरह से इस अकाउंट का मालिक हो जाता है अगर उसने कुछ कंडीशन sign कर रखी है अकाउंट खोलते समय|

तो दोस्तों piggybacking को समझना अब शायद आपके लिए आसान हो गया होगा | मतलब कि किसी बाहरी यूजर को नेटवर्क का एक्सेस दे देना कुछ काम करवाने के लिए अथवा कुछ information शेयर करने के लिए| बस यही पिग्गीबैकिंग होती है |

इस तरह की प्रोसेस का उपयोग हम two way transmission में करते है, जो की चैनल की बैंडविड्थ के यूज को इम्प्रूव करता है । मतलब, Piggybacking की हेल्प से हम चैनल की बैंडविड्थ का सही उपयोग कर पाते है ।

किन्ही भी दो स्टेशन्स को आपस में डाटा एक्सचेंज करने के लिए दो विंडो की आवश्यकता होती है। एक विंडो की मदद से वह डाटा भेजता है और दूसरी विंडो की मदद से वह डाटा रिसीव करता है ।

डाटा और acknowledgement को एक साथ भेजने के लिए Piggybacking उत्तम सहायता करता है ।

इसमें प्रत्येक डाटा सेगमेंट में दो फील्ड होती है, एक में डाटा फ्रेम का सीक्वेंस नंबर होता है और दूसरे में acknowledgement का सीक्वेंस नंबर होता है । या आप ऐसे भी समझ सकते है की पहली फील्ड में डाटा होता है और दूसरी फील्ड में acknowledgement होता है।

इस तरह स्टेशन्स डाटा और acknowledgement को एक साथ एक फ्रेम में भेज सकता है और कम्युनिएशन कपीसिटी को सेव करता है ।

ऐसी स्थिती जहा पर स्टेशन के पास भेजने के लिए कोई भी डाटा नहीं होता पर उसे पिछले रिसीव किये हुए डाटा का acknowledgement भेजना पड़ता है तो वह एक separate acknowledgement भेजता है जैसे कि RR(receive ready) और RNR(Receive Not Ready)

जैसे कि हमने पहले बताया कि सभी डाटा फ्रेम acknowledgement के लिए एक फील्ड होती है, जिसमे कोई न कोई वैल्यू रखना जरुरी होता है ।

और अगर स्टेशन के पास भेजने के लिए कुछ भी नहीं होता तो वह किसी भी लॉस्ट acknowledgement का सीक्वेंस नंबर भेज देता है और दूसरा स्टेशन उसे ignore करता है उसकी duplicacy होने के कारण।

Piggybacking Acknowledgement :

Piggybacking(Piggybacking In Hindi) means combining data to be sent and acknowledgement of the frame received in one single frame. This type of acknowledgement is called piggybacking acknowledgement.

Two stations A and B are sending to (and receiving from) each other as shown in below fig1. This is a full-duplex mode of communication.

piggy-backing-content
Piggybacking In Hindi: piggy-backing-Frame-Format

The above fig shows a typical frame format. The fields are as follows –

Source Address: This is the address of the station sending the frame, it is required so that a station receiving frame knows where to send an acknowledgment.

Destination Address: This is the address where the frame should be sent. it is required so that a station can determine which frames are destined for it.

Frame Number: Each frame has a sequence number starting with 0. If this field has K bits, the largest number is 2powk-1.

ACK: The integer value of this frame is the number of a frame being acknowledged. Note that because a station both sends and receives, it can avoid sending a separate acknowledgment by including the acknowledgment in a data frame. This is called piggybacking acknowledgment.

Types of Frame: This field specifies the types of frames. For example, a data frame has the type “data”. However, there may be an occasion to acknowledge a frame separately.

Piggybacking can be used only when there is data to send without data, the protocol uses separate acknowledgment using a type of frame “ACK”. We also use a type of frame “NAK” for negative acknowledgment.

Quick Q&A:

What is meant by piggybacking?| piggybacking से आप क्या समझते है ?

piggybacking context अथवा सिनेरियो वह है जहाँ पर हम एक फ्री नेटवर्क को एक्सेस करते है वो भी बिना किसी authorization के|

पर यहाँ पर फ्री नेटवर्क एक्सेस करने वालो का ऐसा कोई भी intention नहीं रहता है कि वो नेटवर्क के अंदर कुछ malicious कंटेंट अथवा वायरस को डालेंगे| बस यहाँ पर सिर्फ फ्री में नेटवर्क एक्सेस कर ने से मतलब रहता है |

पर ऐसा करने से जो जो legitimate users होते है जो कि यह नेटवर्क access करने के लिए authorize रहते है उनका डाटा ट्रांसफर रेट थोड़ा slow हो जाता है |

What is the difference between piggybacking and tailgating?| पिग्गीबैंकिंग और tailgating में क्या डिफरेंस होता है ?

Tailgating के अंदर कोई भी इंडिविजुअल बिना एक्सेस authorization के एक authorize यूजर को रिज़र्व एरिया में closely follow करता है |

और piggybacking के अंदर कोई एक इंडिविजुअल बिना किसी authorization के रिज़र्व एरिया को एक्सेस कर सकता है | या हम कह सकते है कि नेटवर्क को एक्सेस कर सकता है |

What is the benefit of the networking?| नेटवर्किंग का क्या benefit होता है?

नेटवर्क का सबसे बड़ा उपयोग होता है एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस में इनफार्मेशन को एक्सचेंज करना | नेटवर्क स्टैबिलिश होने के कारन ही एक एरिया और क्षेत्र विशेष की डिवाइस दूसरी जगह स्थित डिवाइस से कांटेक्ट अथवा कम्यूनिकेट कर पातें है |

Piggybacking और phishing में क्या डिफरेंस होता है ?

देखिये phishing में एक हैकर द्वारा जानबूझकर नेटवर्क हो हैक करके इनफार्मेशन को चुराया जाता है या फिर उसमे कुछ वायरस इन्सर्ट कर दिए जाते है |

जबकि पिग्गीबैंकिंग का use एक अच्छे मकसद से किया जाता है इसमें एक बाहर वाले यूजर को नेटवर्क एक्सेस करने के लिए एक open door नेटवर्क में रखा जाता है जहाँ से वो यूजर नेटवर्क को एक्सेस कर सकता है | और इसे ये authority नेटवर्क यूजर के द्वारा प्रोवाइड करवाई जाती है |

Conclusion:

So in this blog post(Piggybacking In Hindi), we got to know about Piggybacking in computer Networks in Hindi. Piggybacking is a process to hold the acknowledgment for some time.

इस ब्लॉग(Piggybacking In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected] पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘Piggybacking In Hindi’ को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.