Difference Between Limit Order and Market Order In Hindi.

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(Difference Between Limit Order and Market Order In Hindi) में हम आपको Limit Order और Market Order के बीच के अंतर को हिंदी में बताने जा रहे है |

दोस्तों यह ब्लॉग पोस्ट सिर्फ उन्ही लोगो के लिए उपर्युक्त है जो लोग ट्रेडिंग अथवा शेयर मार्किट में इंटरेस्ट रखते है और स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग करने में सक्रिय है या फिर करने के लिए तैयार हो |Difference Between Limit Order and Market Order In Hindi|

दोस्तों इस ब्लॉग के अंदर हम Limit आर्डर और मार्किट आर्डर में यह डिफरेंस आपको motilal oswal app के सापेक्ष में बता रहे है | पर यह अंतर लगभग सभी ट्रेडिंग apps में यही होता है | पर यह हो सकता है और apps में इन आर्डर के नाम में कुछ चेंज को बाकी कांसेप्ट एक ही है |

दोस्तों जब भी stock मार्किट अथवा शेयर मार्किट में ट्रेडिंग करते है तो generally हम या तो day To day अथवा intraday में ट्रेडिंग करते है या फिर हम delivery में ट्रेडिंग करते है |

और इसके बाद जब हम कोई भी आर्डर buy करते है तो motilal ओसवाल में हमारे पास तीन टाइप के आर्डर चॉइस होते है Limit , Market , और Stop loss | स्टॉप लोस्स के बारे में हम आपको एक अलग ब्लॉग में विस्तार से बताएँगे| पर आज के इस ब्लॉग में हम बात करेंगे Limit Order और Market Order .

Difference Between Limit Order and Market Order In Hindi:

Limit Order :

दोस्तों लिमिट आर्डर को आप इसके नाम से ही समझ सकते है | जैसे कि इसके नाम में लिमिट है तो इसका मतलब यह है कि यहाँ पर लिमिट आर्डर में एक लिमिट सेट कर सकते है और यह buy और sell आर्डर दोनों में सेट कर सकते है |

जैसे कि example के लिए हम एक शेयर X को buy करना चाहते है और उसका अभी का करंट प्राइस 9 .5 INR चल रहा है | और हम इस शेयर को 9 INR में buy करना चाहते है|

अगर हम यहां इस शेयर के लिए एक Limit सेट कर देते है और इस आर्डर को प्लेस कर देते है तो इसका मतलब यह होता है कि जब इस शेयर X की वैल्यू एक्सएक्ट 9 पर या 9 से कम आएगी तब ही आपका आर्डर execute होगा अन्यथा आपका आर्डर execute नहीं होगा|

और यह concept sell Order में भी फॉलो होता है | example के लिए इसी शेयर को हम 10 INR में बेचना चाहते है और इसका करंट प्राइस अभी 9 .5 चल रहा है| अगर हमने sell Order 10 पर सेट कर दिया है तो फिर जब तक शेयर का प्राइस 10 INR या इससे अधिक नहीं होता है तब तक यह आर्डर execute नहीं होगा|

चूकि शेयर Market बहुत ही तेज़ी से fluctuate करता है इसलिए ऐसी स्थिति में Limit आर्डर बहुत ही उपयोगी हो जाता है |

मार्किट आर्डर:

उधर दूसरी तरफ में Market Order में आप जैसे ही कोई भी buy और sell आर्डर प्लेस करते है तो वह आर्डर तुरंत ही करंट Market प्राइस पर execute हो जाता है |

पर चूकि मार्किट बहुत तेज़ी से ऊपर नीचे हो सकता है इसलिए हो सकता है कि आप कोई शेयर 10 INR में खरीदना चाह रहे हो और आपने 10 INR price देख कर अपना आर्डर प्लेस कर दिया पर जब actual में आर्डर execute हुआ तो आपको आर्डर 10 .5 में buy हुआ या फिर यहाँ पर कभी कभी आपको फायदा भी हो सकता है जैसे कि आपका आर्डर 9 .5 अथवा 9 में buy हो गया|

क्योकि आपका आर्डर लगते ही जो प्राइस मार्किट में touch होती है उसी प्राइस पर आपका आर्डर execute हो जाता है |

यहाँ पर आपके मन में एक डाउट जरूर आ रहा होगा की अगर हम कोई शेयर को 10 INR में buy करना चाहते है तो फिर अगर वह ऊपर भी जायेगा तो 10 .01 अथवा 10 .02 में buy हो जायेगा ज्यादा से जायदा 10 .05 में buy हो जायेगा |

पर एक्चुअल में दोस्तों शेयर मार्किट में ऐसा नहीं होता है कि प्राइस एक आर्डर सीक्वेंस में move करेगी| बल्कि यह प्राइस शेयर buy और sell के according randomly मूव करती है | तो ऐसे स्थिति में हो सकता है जो शेयर आप 10 INR देख कर आर्डर प्लेस कर रहे हो और आर्डर प्लेस करते ही वह अचानक 11 पर पहुँच जाये और आपका आर्डर 11 पर execute हो जाये|

तो दोस्तों यही अंतर होता है Market और Limit Order में| मार्किट आर्डर में थोड़ा uncertaintity ज्यादा होती है और लिमिट आर्डर में आप अपने end पर सेफ हो जाते है | आशा करता हूँ आपको काफी हद तक Limit आर्डर और Market Order के बीच अंतर समझ आ गया होगा|

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आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट(Difference Between Limit Order and Market Order In Hindi) को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.