Fundamentals Of C In Hindi/ What is C language?

हेलो Friends , आज के इस blog post में हम fundamentals of C In Hindi के बारे में discuss करने वाले है, जिसके अंतर्गत हम C में use होने वाले सभी प्रकार के tokens के बारे में पढ़ेंगे|

इस tokens में Identifier , keywords , constant , और operator आते है | fundamentals of C In Hindi|

प्रोग्रामर टोकंस(Tokens) का use करके प्रोग्राम तैयार करता है | fundamentals of C In Hindi|

एक प्रोग्राम को तैयार करने के लिए जो भी इंडिविजुअल यूनिट्स(individual units) उसे की जाती है उन्हें टोकंस(tokens) कहते है | Fundamentals Of C In Hindi|

प्रोग्राम की छोटी से छोटी से छोटी इकाई जिसे मिलाकर प्रोग्राम तैयार किया जाता है, टोकंस(Tokens) कहलाते है |Fundamentals Of C In Hindi|

Fundamentals Of C In Hindi: Tokens निम्न प्रकार के होते है “

Identifier
Keywords
Constant
Operator

आइडेंटिफायर(Identifier) :

आइडेंटिफायर वे नाम होते है जो variable, constant, types, function or levels को प्रोग्राम में रिप्रेजेंट करते है |

ये प्रोग्राम के फंडामेंटल बिल्डिंग ब्लॉक्स(fundamental building blocks) होते है |

सिंबॉलिक नाम generally प्रोग्राम में आइडेंटिफायर के नाम से जाने जाते है

ex: sum;
Total;
T-S

Keywords:

कीवर्ड्स(Keywords) एक प्रकार के रिज़र्व वर्ड्स होते है| लैंग्वेज कम्पाइलर को स्पेशल मीनिंग देते है |

ये एक प्रकार predefined indetifier होते है | C में ये निम्न प्रकार के है |

auto, break, case, char, const, continue, default, do, double, else, enum, extern, float, for, goto, if, int, long, register, return, short, signed, size of, static, struct, switch, typedef, union, unsigned, void, volatile, while

Constants:

इस प्रकार की वैल्यू जो पुरे प्रोग्राम में बदलती नहीं है constants कहलाते है | इसके लिए const. कीवर्ड का use करते है|

ex: const int a = 10;

वेरिएबल्स(Variables):

मेमोरी(Memory) में वह लोकेशन जिसे प्रोग्रम वेरिएबल नाम के सन्दर्भ में देते है , जहाँ पर डाटा वैल्यू स्टोर कर सकते है , वेरिएबल(variable) कहलाते है |

Type name Variable name

int Sum;
Float Salary;
Char Char;

ऑपरेटर(Operator):

ऑपरेटर विशेष प्रकार के सिंबल होते है जो प्रोग्राम वेरिएबल पर बिभिन्न प्रकार के ऑपरेशन के लिए उसे किये जाते है

ऑपरेटर के प्रकार निम्न लिखित है

Arithmetic Operator:

Symbol operator
+ Addition
– Subtraction
* Multiplication
/ Division

इन्क्रीमेंट एंड डेक्रेमेंट ऑपरेटर (Increment and Decrement Operator):

(++) इन्क्रीमेंट ऑपरेटर(Increment Operator):

इस ऑपरेटर का use करने पर किसी भी संख्या के मान में 1 बढ़ जाता है |

ex: A = ++b+5*b here b= 6
= 7+5*(7) = 42

(–) डेक्रेमेंट ऑपरेटर, Decrement Operator:

इस ऑपरेटर के use करने पर किसी भी संख्या के मान में 1 घट जाता है |

ex: 5– = 4

रिलेशनल ऑपरेटर(Relational Operator):

रलेशनल ऑपरेटर का use दो वैल्यू को compare करके रिजल्ट true(1) या false(0) प्राप्त करने के लिए किया जाता है |

Symbol Operator
> Greater than
< Less Than
>= Greater than equal to
<= Less than equal to
= Equal to
ex: if x = 20, y = 45
x<y x>y x<=y x>= y
true(1) False(0) True(0) False(0)

लॉजिकल ऑपरेटर(Logical Operator):

लॉजिकल ऑपरेटर का use रिलेशनल ऑपरेशन और लॉजिकल ऑपरेशन के मध्य रिलेशनशिप स्थापित करने के लिए किया जाता है |

AND[&&] Operator:

इसके द्वारा किसी भी लॉजिकल कंडीशन को चेक करने पर यदि कंडीशन सही होती है तो true डिस्प्ले होता है एक या दोनों कंडीशन के गलत होने पर false डिस्प्ले होता है |

exp1 operator exp2 Result
(6>9) && (4>2) False(0)
(40>20) && (5>2) True(1)
(15>10) && (6==2) False(0)

OR[||] ऑपरेटर:

इस ऑपरेशन का use किसी दो लॉजिकल ऑपरेशन के मध्य रिलेशनशिप स्थापित करने पर यदि दो में से एक भी कंडीशन सही होती होती है तो true डिस्प्ले होता है अथवा false display होता है |

exp1 operator exp2 Result
(5==5) || (4>10) True(1)
(5==1) || (10>20 False(0)

नॉट ऑपरेटर(Not Operator)[!]:

यह ऑपरेटर सिंगल ऑपरेशन पर कार्य करता है तथा अपोजिट रिजल्ट देता है | यदि एक्सप्रेशन true हो तो false देगा यदि false हो तो true देगा|

Exp Result Display Result
!(0) false True(1)
!(5>2) True False(0)

असाइनमेंट ऑपरेटर(Assignment Operator):

इसका use assign करके शार्ट रूप में लिखने के लिए किया जाता है |

+=
-=
*=
/=
Ex: Sum = Sum+i same as sum+ = i
x = x*3 same as x* = 3

साइज ऑफ़ ऑपरेटर(Size of Operator):

इस ऑपरेटर का use किसी भी वेरिएबल(variable) की length और type पता करने के लिए किया जाता है |

Example: Size of (type)

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Quick Q&A:

What are the fundamentals of C language? C language का fundamental क्या होता है?

C language के fundamental में ये सभी चीज़े आती है जैसे कि Character set, Identifiers, keyword, data types, Constants and variables, statements, expression, operators, precedence of operators Input-output,…

… Assignments, control structures decision making, and branching. functions, monolithic vs. Modular programs, user-defined vs. pre-defined.

What are the basic steps of C? C के basic steps क्या क्या होते है?

C programming language में प्रोग्राम execution के पहले ही कोड का syntax और semantics चेक होता है|

C के compilation process में मुख्य रूप से चार steps होते है:

pre-processing, compiling, assembling, and linking .

और इन चार steps के बाद हमें executable फाइल प्राप्त होती है जिसे run करके हम output प्राप्त करते है |

What is an array in C? C में array क्या होते है?

जब एक जैसे data types के items को एक contiguous memory में एक जगह स्टोर किया जाता है तब ऐसे location को हम array बोलते है |

C language में हम array को एक derived डाटा टाइप भी बोल सकते है जो कि primitive टाइप डाटा को store कर सकता है जैसे कि int, char, double, float, etc.

How many topics are there in C? स में कितने topics होते है?

C language में 32 keywords होते है | कई सारी variety के data types होते है|

और कई सारे system pre -built functions होते है जिनसे programming simple हो जाती है|

What are the 5 basic concepts of programming language? एक programming language के पांच बेसिक concepts कौन से होते है?

एक programming में पांच basic concepts निम्नलिखित है:

Variables,
data types,
sequence,
selection,
iteration

एक नए programmer को यह basic concepts सीखने की जरुरत होती है |

What are the 5 types of programming language? Programming language के 5 मुख्य प्रकार कौन कौन से होते है ?

Programming language के पांच मुख्य प्रकार निम्नलिखित है:

Procedural programming languages.
Functional programming languages.
Object-oriented programming languages.
Scripting languages.
Logic programming languages.

How many types of coding are there? Coding कितने प्रकार की होती है ?

Coding चार प्रकार की होती है:

Data compression (or source coding)
Error control (or channel coding)
Cryptographic coding.
Line Coding.

What is C program syntax? C program का Syntax क्या होता है?

Syntax दरअसल एक protocol की तरह होता है जिसे हमें program लिखते समय follow करना पड़ता है |

अगर हम desired आउटपुट प्राप्त करना चाहते है तो फिर हमें प्रोग्राम को पूरे सिंटेक्स के हिसाब से लिखना पड़ेगा|

Basically C के सिंटेक्स में हैडर फाइल्स, main फंक्शन, और प्रोग्राम कोड होता है | C प्रोग्राम का यह सबसे फंडामेंटल स्ट्रक्चर होता है |

इस ब्लॉग(Fundamentals Of C In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते a5theorys@gmail.com पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘Fundamental of C In Hindi’ को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|Fundamentals Of C In Hindi|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.