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Explain HTML 5 In Hindi

Introduction

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(HTML5 in Hindi) में हम आपको एक बहुत ही useful और interesting टॉपिक “HTML” के बारे में विस्तार से बताने वाले है |

HTML लैंग्वेज का उपयोग हम वेबसाइट बनाने के लिए करते है | आज के इस technical दौर में आप में बहुत से लोग रोज़ कोई न कोई अपने काम की वेबसाइट को विजिट करते होंगे |HTML 5 In Hindi|

HTML5 in Hindi
HTML5 in Hindi

HTML5 in Hindi / क्या आपने कभी यह सोचा है कि एक्चुअल में यह वेबसाइट पेजेज कैसे बनते हैं?

अगर आप अभी भी नहीं जानते है तो फिर हमको आज इस ब्लॉग में विस्तार से हटम्ल के बारे में बताते है | आज तक की कोई भी वेबसाइट जो आप विजिट कर चुके है या फिर अभी विजिट कर रहे है|

हर वेबसाइट को बनाने के लिए जो फाउंडेशन लैंग्वेज होती है वो होती है html | html का फुल फॉर्म होता है “Hypertext markup language”|

HTML लैंग्वेज का उपयोग ही हम web pages और web applications को डिज़ाइन अथवा बनाने के लिए करते है |
एक वेबसाइट के अंदर यह एक ढांचे की तरह होता है जिसमें हम कंटेंट को बड़े ही सलीके के साथ रखते हैं।

कुछ एलिमेंट्स जिन्हें हम html की मदद से अपने पेज पर define करते हैं वो हैं headings, paragraphs, links, images , etc.|

HTML को आये काफी टाइम हो चूका है, जैसे कि इसकी शुरुआत 1990s से ही हो गयी थी और उस टाइम पर इसे scientific documents को शेयर करने के लिए उपयोग में लिया जाता था |

पर आज की डेट में यह लैंग्वेज बहुत सारे updation के बाद बहुत ही पावरफुल लैंग्वेज हो गयी है |

आज html के उपयोग से बहुत ही इंटरेस्टिंग, अमेजिंग, web applications और web pages develop किये जा रहे है जिसे आप इस दुनिया में कहीं से भी बैठ कर आसानी से access कर सकते है |

सबसे पहले आपको html की पूरी journey को समझना पड़ेगा तभी आप समझ पाएंगे कि html में इतने सारे टैग्स क्यों है, और कैसे आज के समय पर हम modern लुक के लिए उसका बेहतर use कर रहे है |

The Modern Web: HTML5

तो दोस्तों यहाँ से हटमल की एक नई कहानी शुरू होती है | जब W3C अपने xHTML 2.0 वर्शन पर फोकस कर रहा था जबकि वह एक impractical वर्शन साबित हो चुका था |

पर इस सब से ब्राउज़र Vendors (Apple, Mozilla, Opera) बहुत ही frustrated हो गए थे और इस सब के चलते उन्होंने 2004 में अपना एक अलग ही ग्रुप बना लिया WHATWG (Web Hypertext Application Technology Working Group).

उन्होंने एक नए specification को बनाने का काम चालू कर दिया जिसे उन्होंने “Web Applications 1.0,” नाम दिया|

यह एक तरह से html का ही एक्सटेंडेड वर्शन था और backward compatibility को भी पूरी तरह से support करता था |

आगे चलकर W3C को भी अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने उसे माना भी | इसके बाद उन्होंने html group को भंग कर दिया|

और WHATWG के साथ मिलकर काम करना चालू कर दिया और उसके specification को develop करने में मदद करने लगे जिसे आगे चलकर HTML5 के नाम से जाना गया |

First Public Draft Of HTML5(2008):

W3C ने HTML5 का पहला पब्लिक ड्राफ्ट प्रस्तुत किया |

The “Living Standard”: WHATWG ने HTML5 को एक नए नाम से डिफाइन किया “Living Standard”| इसका मतलब यह था कि यह कभी “finished” नहीं माना जायेगा |

यह वीरसिओं सतत अपडेट और improve होता रहेगा | W3C Recommendation (2014): Oct 2014 को W3C ने HTML5 को एक stable वर्शन की तरह published कर दिया |

HTML5 के कुछ के फीचर्स :

HTML5 अपने आप में एक अल्टीमेट वर्शन था जिसे एक कोर सिद्धांत के साथ डिज़ाइन किया गया था और वह यह था कि यह version हमेशा ही backward compatible रहेगा |

और यह version robustness के सिद्धांत को भलीभांति फॉलो करता था “Be conservative in what you do” जिसे browsers हमेशा ही फॉलो करते थे |

और इसका सीधा मतलब यह थे कि कोई भी sloppy और old हटम्ल कोड भले ही वो 90s का ही क्यों न हो मॉडर्न browsers पर अच्छे से काम करेगा |

कुछ नए और बड़े फीचर्स:

Semantic Elements:

कुछ नए टैग्स को introduce किया गया जैसे कि header, footer, article, section, and nav…| यह tags वेब पेज के स्ट्रक्चर को एक नया ही अर्थ प्रदान कर रहे थे |

Developers, search engines (SEO), and assistive टेक्नोलॉजीज के लिए इस वर्शन को उपयोग करना एक बहुत ही सुखद अनुभव था |

Multimedia Support:

Audio और video tags के आतें ही हमें मीडिया को अपनी मनचाही जगह पर जोड़ने के लिए एक standard तरीका मिल चूका था | अब हमें किसी third -party plugins जैसे कि Flash पर depend रहने की कोई जरुरत नहीं थी |

Graphics and Animation:

Canvas elements और Scalable Vector Graphics (SVG) के सपोर्ट से हम अब सीधे browsers पर ही rich ग्राफ़िक्स और animations को एक्सपीरियंस कर सकते थे |

New Form Controls:

Forms में कुछ नए input टाइप्स को जोड़ दिया गया था जैसे कि email, date, number, range, tel, and url और इत्यादि…|

और यह इनपुट टाइप बिल्ट-इन वेलिडेशन के साथ थे और users को अलग अलग डिवाइस पर एक बहुत ही अच्छा एक्सपीरियंस प्रोवाइड करवाते है |

APIs:

HTML5 में एक बहुत ही नयी चीज़ आयी है वो है javascript APIs का उपयोग| जिसे उपयोग करके आप बहुत ही अमेजिंग functionality को अपने पेज पर जोड़ सकते हो |

जैसे कि geolocation, web storage (offline data), and web workers (background processing).

The Ongoing Evolution: HTML5.1, 5.2, 5.3

HTML5 जैसे ही W3C की recommendation से पब्लिश हुआ वैसे ही W3C ने भी अपने काम को इसके ऊपर जारी रखा |

और इसके बाद इसके point versions launch किये जिनमे कुछ नए फीचर्स को ऐड किया गया और existing फीचर्स को थोड़ा और refine किया गया |

HTML5.1:

HTML5.1 को W3C द्वारा 2016 में पब्लिश किया गया | इस version के अंदर और जैसे नए टैग्स को जोड़ा गया जो कि expandable widgets को create करने में सहायक होते है |

और responsive इमेज को हैंडल करने के लिए टैग को भी जोड़ा गया |

HTML5.2:

html5.2 को 2017 में recommend किया गया | जिसमे native मॉडल dialogs के लिए टैग को जोड़ा गया |

HTML5.3:

html5.3 जो है वो सबसे नया point version है जिसे W3C द्वारा पब्लिश किया गया| और इस version में भी कुछ नए फीचर्स को जोड़ा गया और कुछ existing फीचर्स को और भी अच्छा किया गया |

ये सब incremental Versions के आने के बाद भी इसका जो true source है वो वही रहता है WHATWG’s “Living Standard,”

और यह लगातार फीचर्स को evlove करते रहता है जैसे कि secure, cross-platform payment requests और form handling को improve करना इत्यादि|

Conclusion:

तो दोस्तों, आशा करता हूँ कि आप सभी ने यह ब्लॉग पोस्ट(HTML5 in Hindi ) बहुत ही पसंद किया होगा और इससे बहुत कुछ आपको सीखने को मिला होगा | इस ब्लॉग में हमें HTML 5 के बारे में विस्तार से जाना, कैसे पिछले सभी versions की कमियों को दूर करते हुए HTML 5 ने web की दुनिया में अपना परचम लहरा दिया और modern web के नाम से फेमस हुआ| इस ब्लॉग में हमने HTML 5 के फीचर्स के बारे में भी विस्तार से जाना और इसके अन्य pointed versions(HTML5.1,HTML5.2,HTML5.3) को भी अध्ययन किया|

इस ब्लॉग(HTML 5 In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते support@a5theory.comपर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट(HTML 5 In Hindi) को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

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