Segmentation In OS In Hindi?|Segmentation क्या होता है ?

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(Segmentation In OS In Hindi) में मैं आपको Segmentation प्रोसेस के बारे में हिंदी में जानकारी देने वाला हूँ | Segmentation एक मेमोरी मैनेजमेंट स्कीम है |

इस स्कीम के अंतर्गत हम एक प्रोसेस के एड्रेस स्पेस को कई सारे पार्ट्स में डिवाइड कर लेते है | और फिर हम उन्हें non -continuous memory एरिया के किसी भी पार्ट में रख सकते है | यह सब हम request की एवरेज साइज को reduce करने के लिए करते है |Segmentation In OS In Hindi|

इस ब्लॉग पोस्ट(Segmentation In OS In Hindi) में हम Segmentation से रिलेटेड कुछ और महत्वपूर्ण questions को डिसकस करेंगे जैसे कि What is segmentation in the operating system with examples? What are paging and segmentation? Why do we need segmentation in the operating system?

Segmentation के अंदर सभी logically related item को एक साथ ग्रुप में रख कर segment बनाये जाते है और यह सब program translation के टाइम पर होता है |Segmentation In OS In Hindi|

डाटा अथवा कोड जो कि दूसरे प्रोसेस के साथ shared है उन्हें उनके dedicated segment में रखा जा सकता है | logical division होने कि वजह से सभी segments कि साइज अलग अलग होती है |

वैसे तो सभी अलग अलग segments physical memory के non -contigeous एरिया में अलग अलग place हो सकते है | पर items जो कि एक ही सेगमेंट को belong करते है वो सभी physical memory के contigeous एरिया में ही प्लेस किये जाते है | इसलिए Segmentation में contigeous और non -contigeous दोनों स्कीम की propterties होती है जो कि memory management करती है |

logical address space जो है वो कई सारे सेग्मेंट्स का कलेक्शन होता है | प्रत्येक सेगमेंट का नाम और लम्बाई होती है | और जो एड्रेस होता है वो दोनों सेगमेंट नाम और ओफ़्सेट को specify करता है | इसलिए user जो होता है वो प्रत्येक एड्रेस को दो quantity द्वारा specify करता है | एक तो segment नाम और दूसरा offset |

आसानी के लिए जितने भी सेग्मेंट्स होते है उन पर numbering कर दी जाती है | और इन्हे फिर सेगमेंट नंबर से रेफेर किया जाता है वजाये कि उन्हें सेगमेंट नाम से रेफेर किया जाये | इसलिए जो भी लॉजिकल एड्रेस होता है उनमे दो tuples होते है |

segmented सिस्टम के अंदर जो फिजिकल मेमोरी होती है वह अपने आपको वापिस array organization में retain करती है | इसके लिए कुछ address ट्रांसलेशन मैकेनिज्म की जरुरत पड़ती है जो कि two -dimensional वर्चुअल एड्रेस को unidimensional physical address के equivalent कन्वर्ट कर सके|

इसके लिए हमें कुछ ऐसा implementation define करना चाहिए जिससे कि हम ट्व dimensional user define एड्रेस को one dimensional physical एड्रेस में मैप कर सके|

segment table की प्रत्येक एंट्री एक सेगमेंट base और एक सेगमेंट limit रखती है | segment base के अंदर starting physical address होता है जहाँ memory में segment reside होता है | और segment लीमित सेगमेंट की लेंथ को sepecify करता है |

निचे दिए हुए fig में segment का use देख सकते है | logical address दो भाग में डिवाइड होता है | segment number -s और सेगमेंट offset -d | segment नंबर को सेगमेंट टेबल में index की तरह use किया जाता है |

जो सेगमेंट 2 है वो 4 बाइट लम्बा है और 4300 की location से स्टार्ट होता है | तब सेगमेंट 2 के 53 बाइट की mapped लोकेशन होगी 7300 +53 = 4353 | और सेगमेंट 0 के बाइट 1222 का refrence location operating सिस्टम होगा क्योकि यह segment केवल 1000 byte long है |

paging और segments दोनों का implementation differ होता है | paging में pages fixed साइज होते है जबकि segments fixed साइज नहीं होते है Segmentation में |

Quick Revision:

What is segmentation in the operating system? Operating system के अंदर segmentation क्या होता है ?

Segmentation एक मेमोरी मैनेजमेंट तकनीक है जहाँ पर हम मेमोरी को कई सारे वेरिएबल साइज के ब्लॉक में डिवाइड कर देते है | और इसके बाद हम हम प्रोसेस को ये मेमोरी ब्लॉक असाइन कर सकते है | और हर सेगमेंट की जानकारी एक टेबल में स्टोर करके रखी जाती है जिसे हम segment table बोलते है |

What are paging and segmentation? सेगमेंटेशन और पेजिंग क्या है ?

Segmentation और paging दोनों ही मेमोरी मैनेजमेंट techniques है | paging के अंदर मेमोरी CPU में प्रेजेंट होती है और Segmentation के अंदर हम variable साइज के मेमोरी ब्लॉक्स रखते है और यह एक virtual memory तकनीक होती है | और इन memory blocks को हम segments भी बोलते है |

Why do we need segmentation in the operating system? ऑपरेटिंग सिस्टम में हमें सेगमेंटेशन कि जरुरत क्यों पड़ती है ?

Segmentation का use हम मेमोरी के अंदर better efficiency को achieve करने के लिए करते है | variable size के non -continuous memory blocks create किये जाते है और फिर process के छोटे छोटे chunks को इन मेमोरी blocks में असाइन किया जाता है | पर हाँ यहाँ पर external fragmentation होने के चांस भी बन सकते है और यह तब होता है जब किसी भी प्रोसेस को execute होने के लिए कोई भी suitable memory block न मिले |Segmentation In OS In Hindi|

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आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट को खूब एन्जॉय किया होगा|

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आपका समय शुभ हो|

Anurag

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