Java Beans In Hindi/ java bean क्या है? तथा इसके लाभ क्या..

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(Java Beans In Hindi) में मैं आपको java beans के बारें में हिंदी में बताने वाला हूँ, java bean क्या है? तथा इसके लाभ क्या.. | java beans एक तरह के reusable software component होते है जिसका काम business logic और presentation logic को separate करना होता है |

इस ब्लॉग पोस्ट(Java Beans In Hindi) में हम java Beans से रिलेटेड कुछ मत्वपूर्ण प्रश्नो को डिसकस करेंगे जैसे कि:

What are the benefits of using Java Beans?
What is the difference between Java bean and spring bean?
Why are Java beans called beans?
What is the Java Bean property?

सरल भाषा में हम यह कह सकते है कि java beans एक सिंपल जावा क्लास होती है जो कि डायनामिक कंटेंट को डेवेलोप करने के लिए कुछ specifcation फॉलो करती है |

java beans एक तरह की self contained java class होती है | यह Set और Get मेथड प्रोवाइड करती है जिससे कि other क्लास के objects, attributes को access और update किया जा सके|

Set और Get method को हम setter और getter के नाम से भी जानते है |

Public class user{
Private String FirstName;
Private String LastName;
Private String EmailAddress;

Public User() {}

Public User(String first, string last, string email) {

FirstName = first;
LastName = last;
EmailAddress = email;

}
Public void setFirstName(string f){
firstName = f;
} 

Public String getFirstName(){
Return FirstName;
}
Public void setLastName(string f){
LastName = l;
} 

Public String getLastName(){
Return LastName;
}
Public void setEmailAddress(string e){
firstName = e;
} 

Public String getEmailAddress(){
Return emailAddress;
}}

ऊपर दिए हुए Code में आप java beans का example देख सकते है |

यहाँ पर ऊपर दिए हुए java beans में हम एक simple java class रखते है, जिसके तीन private attribute होते है | और इन attributes के नाम क्रमशा है First name , last name , एंड email address .

यहां पर तीन methods होते है जो कि इतर मेथड्स की वैल्यूज accept करके यूजर class के इन तीन ऐट्रिब्यूट्स की वैल्यू को सेट करते है और हम इन्हे setter कहते है |

इसी तरह तीन methods होते है इन attributes से वैल्यू रेट्रिएवे करने के लिए | और इन्हे हम getter के नाम से जानते है |

तो इस तरह अगर कोई आउटसाइड ऑब्जेक्ट यूजर क्लास के इन ऐट्रिब्यूट्स की वैल्यू को access और update करना चाहता हो तो वो इन getter और setter methods का उपयोग करके यह कर सकता है |

और यह चीज़ यूजर क्लास को allow करता है कि वो इन attributes के वैल्यूज को प्राइवेट रख सके | और दूसरे ऑब्जेक्ट को यह वैल्यू एक्सेस या अपडेट करने के लिए भी allow करता है|

जब भी ऐसी कोई क्लास लिखी जाती है जो कि इस फंक्शनलिटी(ऊपर समझाई गयी) को सपोर्ट कर सके तो ऐसी क्लास को ही हम java beans कहते है |

java beans की जरुरत effective और dynamic वेब pages को क्रिएट करने के लिए होती है और इसके साथ यह सेपरेट जावा क्लास का बेनिफिट भी प्रोवाइड करती है बजाये इसके कि बहुत सारा जावा कोड सीधे JSP पेज में embed कर दिया जाये |

ऐसे सेपरेट java beans को लिखना, compile करना, टेस्ट करना, debug करना, और reuse करना बहुत ही आसान हो जाता है |

advantages of java beans: Java Beans In Hindi

java beans की कुछ advantages निम्नलिखित है |

java beans का use करके एक यूजर अपने प्रेजेंटेशन कोड और बिज़नेस लॉजिक को बहुत अच्छे ढंग से separate रख या मैनेज कर सकता है | और इसका यह फीचर बड़े आर्गेनाइजेशन के लिए कुछ जायदा ही फायदेमंद हो जाता है जहाँ पर वेब डेवलपमेंट और जावा डेवलपमेंट की अलग अलग टीम होती है |

इससे दोनों ही प्रेजेंटेशन लॉजिक और बिज़नेस लॉजिक्स को अलग अलग develop किया जाता है और java beans इनके बीच proper कम्युनिकेशन ensure करती है |

java beans JSP के साथ कई सारे web pages के बीच object sharing को बहुत सरल बना देती है |

java beans JSP के साथ request एंड response handling की प्रोसेस को बहुत ही आसान बना देती है |

Quick Q&A:

What are the benefits of using Java Beans?/ java Beans को उपयोग करते हुए हमें क्या क्या benefits मिलते है?

java Beans के benefits निम्नलिखित है :

सबसे पहला तो यह है कि ऐसे create और उपयोग करना बहुत ही आसान है |

java Beans java में बने होते है इसलिए यह portable होते है और यह किसी भी दूसरे platform में easily compatible होते है जहाँ पर java run time environment होता है |

जावा के एक powerful strengthen लैंग्वेज होने कि बजह से java Beans में भी काफी strength होती है |

What is the difference between Java bean and spring bean?/ java bean और spring bean में क्या अंतर है ?

java Beans एक java class होती है जो कि कुछ specification follow करती है जैसे कि java Beans में सभी properties private होनी चाहिए और पब्लिक Get और Set method होने चाहिए| जबकि Spring bean एक object होता है जो कि हमारी एप्लीकेशन की backbone होता है और इसे स्प्रिंग IOC कंटेनर मैनेज करता है |

Why are Java beans called beans?/ java Beans को Beans क्यों बोलते है?

जब java को डेवेलोप किया जा रहा था तब इसके डेवेलपर्स बहुत मात्रा में कॉफ़ी का इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए उन्होंने इसे कॉफ़ी के सिंबल पर इसका नामकरण कर दिया| coding के छोटे छोटे Beans कॉफ़ी के छोटे छोटे Beans की तरह ही लगते थे इसलिए फिर इसे java Beans का नाम दिया गया |

What is the Java Bean property?/ java bean कि प्रॉपर्टी क्या है?

java beans एक तरह की self contained java class होती है जो कि सिर्फ प्राइवेट प्रॉपर्टीज रखती है य ऑफिर प्राइवेट ऐट्रिब्यूट्स | यह Set और Get मेथड प्रोवाइड करती है जिससे कि other क्लास के objects, attributes को access और update किया जा सके|

Conclusion :

दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट(Java Beans In Hindi) में हमने java Beans के बारे में हिंदी में जाना, java Beans एक तरह की java class होती है जो कि business logic को presentation logic से separate करती है | इसमें getter और setter कि मदद से बाहर के object इस क्लास के attributes कि वैल्यूज को access और update करते है |

इस ब्लॉग(Java Beans In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट Java Beans In Hindi को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.