Trigger In MySql In Hindi.

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(Trigger In MySql In Hindi) में हम आपको MYSQL triggers के बारे में जानकारी देने वाले है |

MYSQL में trigger जो होता है वो एक stored program होता है जो कि किसी विशेष इवेंट्स पर invoke अथवा execute होता है जैसे कि किसी टेबल पर INSERT , DELETE , UPDATE ऑपरेशन होने पर|Trigger In MySql In Hindi|

जैसे example के लिए आप किसी टेबल पर एक trigger ऐसा सेट कर सकते हो जो कि टेबल में कोई भी नयी row INSERT होने के टाइम पर trigger होगा|Trigger In MySql In Hindi|

MYSQL trigers को सपोर्ट करता है जो कि INSERT , UPDATE , DELETE इवेंट्स के होने पर execute होते है |

SQL standard दो तरह के trigers को define करता है | एक होते है row level trigers and दूसरे होते है statement -level trigers |

जो row level trigers होते है वो तभी activated होते है जब किसी table की प्रत्येक row INSERT , UPDATE , अथवा DELETE होती है |

जैसे example के लिए किसी टेबल में अगर 50 row inserted , updated , अथवा deleted होती है तो ट्रिगर जो है वो ऑटोमेटिकली 50 बार invoked होगा अथवा execute होगा|

और जो statement level ट्रिगर्स होते है वो केवल एक transaction के complete होने पर invoked अथवा execute होते है फिर चाहे उस transaction के अंदर कितनी भी row INSERT , UPDATE , DELETE हो |

MYSQL जो है वो row -level trigers को सपोर्ट करता है जबकि यह statement लेवल trigger को सपोर्ट नहीं करता है |

Advantages of triggers:

trigers जो है वो हमें data integrity चेक करने का एक और रास्ता प्रोवाइड करते है |

trigers जो है वो database layer से error को handle करते है |

trigers जो है वो scheduled task को रन करने के एक alernate वे प्रोवाइड करते है | क्योकि अगर आप trigers का use करते है तो आपको किसी भी scheduled task अथवा event के run होने का इंतज़ार नहीं करना पड़ता है |

Triggers events के होने पर automatically execute होकर अपना काम करता है |

trigers से हम डाटा टेबल में होने वाले चंगेस को आसानी से audit कर सकते है |

Disadvantages of triggers :

trigers जो है वो extended validation प्रोवाइड कर सकते है जबकि सभी तरह validation नहीं | पर आप simple validation के लिए कुछ और constraints का उपयोग कर सकते है जैसे कि NOT NULL , UNIQUE , CHECK और FOREIGN KEY |

trigers को troubleshoot करना थोड़ा difficult हो सकता है क्योक वो डेटाबेस पर automatically execute होते है | और यह क्लाइंट application को visible नहीं हो सकते है |

trigers जो है वो MYSQL server का overhead बढ़ा सकते है |

Triggers Example:

CREATE TRIGGER trigger_name
{BEFORE | AFTER} {INSERT | UPDATE| DELETE }
ON table_name FOR EACH ROW
trigger_body;
CREATE TABLE employees_audit (
    id INT AUTO_INCREMENT PRIMARY KEY,
    employeeNumber INT NOT NULL,
    lastname VARCHAR(50) NOT NULL,
    changedat DATETIME DEFAULT NULL,
    action VARCHAR(50) DEFAULT NULL
);
CREATE TRIGGER before_employee_update 
    BEFORE UPDATE ON employees
    FOR EACH ROW 
 INSERT INTO employees_audit
 SET action = 'update',
     employeeNumber = OLD.employeeNumber,
     lastname = OLD.lastname,
     changedat = NOW();

इस trigger से यह होगा की अगर कोई भी employees table में कुछ भी update करेंगे तो employees table में अपडेट होने से पहले वह employee _audit table में update होगा |

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आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट(Trigger In MySql In Hindi) को खूब एन्जॉय किया होगा|

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आपका समय शुभ हो|

Anurag

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