Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi?

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi) में हम आपको Client side scripting और Server side scripting के बीच में difference बताने वाले है | जैसे आपने कई language के बारे में सुना होगा कि ये language जैसे HTML Client side scripting language है और कोई और लैंग्वेज जैसे PHP Server side scripting language है |

पर बहुत से लोगो को यह क्लियर नहीं होता है कि आखिर ये क्लाइंट साइड और सर्वर साइड में क्या अंतर होता है | तो चलिए आज इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से हम आपको Client side और Server side scripting में अंतर विस्तार से बताते है |Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi|

Client-side scripting :

देखिये जो Client side scripting लैंग्वेज होती है वो web browser पर run होती है | और ऐसा तभी होता है जब browser के पास पूरा कोड होता है |Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi|

इसमें जो source code होता है उसे इंटरनेट के माध्यम से web Server से user ‘s computer तक ट्रांसफर किया जाता है और directly browser पर run किया जाता है |

और इस Client side स्क्रिप्टिंग का उपयोग हम Client side पर user के events को validate करने के लिए कर सकते है |

Client side scripting जो है वो बहुत ही interactive होती है | और user तक जाये बिना ही यह बहुत सारे operations को परफॉर्म करती है | पर इसको हम database को web Server से connect करने के लिए use नहीं कर सकते है |

और Client side script की मदद से हम वेब ब्राउज़र पर स्टोर रहने वाली files को भी access नहीं कर सकते है | और जो web pages होते है वो users के choice पर altered होते रहते है |

Client scritps का उपयोग हम user ‘s के कंप्यूटर पर cookies सेट करने के लिए कर सकते है |

Server-side scripting :

Server side scripting को execute करने के लिए हमें web Server की जरुरत होती है | और Server साइड स्क्रिप्ट का use basically dynamic pages क्रिएट करने के लिए करते है |

और Server side scripting सर्वर पर मौजूद file system को आसानी से access कर सकती है | और इस Server side environment जो कि Server side स्क्रिप्ट से execute होता है उसे ही हम web Server कहते है |

Server side script को हम ऐसी किसी भी language में लिख सकते है जो कि Server side scripting के लिए available है | Server side script का use हम dynamic पेज के लिए data को generate और retrieve करने के लिए करते है |

यह script plugins को download करने के लिए उपयोगी होती है | Client side scripting की अपेक्षा Server side scripting ज्यादा फ़ास्ट लोड होती है |

और जब आपको डाटा को store और retrieve करने के लिए database की जरुरत होती है तब यह आपके Server का एक huge resource occupie करता है |

और इससे Client side computation का overhead काम हो जाता है क्योकि यूजर अथवा क्लाइंट के रिक्वेस्ट पर Server जो है वो पेजेज को सेंड करता है |

चलिए अभी तक आपको Client side scripting और Server side scripting के बारे में काफी कुछ क्लियर हो गया होगा, अगर अभी भी कुछ लोगो को इसको ले कर doubt है तो भी आप को बिलकुल चिंता करने की जरुरत नहीं है |

आगे इस ब्लॉग में हम आपको Client side script और Server side script के बीच tabular difference बताने वाले है जिससे आपको इनके बीच अंतर में और clearity आ जाएगी |

Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi in tabular form:

Client Side ScriptingServer Side Scripting
Client side scripting के अंदर जो source code होता है वो यूजर को visible होता है | पर सर्वर साइड scripting का कोई source code यूजर के लिए उपलब्ध नहीं होता है क्योकि यह तो सिर्फ सर्वर का आउटपुट होता है जो कि HTML फॉर्मेट में होता है |
यह database के लिए कोई security प्रोवाइड नहीं करती है |यह डाटा के लिए काफी security प्रोवाइड करती है |
यह टेक्नोलॉजी का उपयोग हम वेब डेवलपमेंट में करते है जहाँ पर स्क्रिप्ट जो है वो क्लाइंट ब्राउज़र पर रन होती है |इस टेक्नोलॉजी के अंतर्गत जो स्क्रिप्ट होती है वो Server पर रन होती है और वहां से क्लाइंट को response भेजती है और यह response हर क्लाइंट के होसब से customizable होता है |
क्लाइंट साइड स्क्रिप्टिंग के लिए हम HTML , CSS , और JAVA script का उसे करते है |और Server side scripting के लिए हम PHP , JAVA ,Python , Ruby language का उपयोग करते है |
क्लाइंट साइड स्क्रिप्ट का उपयोग browser और उसके version पर depend करता है |यहाँ पर हम कोई भी Server side technology का उपयोग कर सकते है और यह किसी भी क्लाइंट पर depend नहीं करती है |
यह यूजर के computer पर run होती है |यह web Server पर run होती है |
Client side script के कई advantages होते है जैसे कि यह काफी फ़ास्ट होती है, रिस्पांस टाइम अच्छा होता है और काफी इंटरैक्टिव एप्लीकेशन होती है |Server side scripting customizable होती है , response टाइम अच्छा है , और यूजर के हिसाब से access rights होते है |
Difference between client-side scripting and server-side scripting

Conclusion:

तो दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट(Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi) में हमने Client side scriptig language और Server side scriptig language के बीच में अंतर जाना और उसे डिसकस किया | क्लाइंट साइड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज ब्राउज़र पर रन होती है और सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज सर्वर अथवा web Server पर रन होती है | HTML Client side scriptig लैंग्वेज का एक example है और PHP एक सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज का example है |

इस ब्लॉग(Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट(Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi) को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|Client-side scripting vs Server-side scripting In Hindi|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.