ALOHA: Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi/Pure Aloha and Slotted Aloha हिंदी में/ What is pure Aloha and slotted Aloha in Hindi?

हेलो दोस्तों, आज के इस ब्लॉग(Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi) में मै आपको बहुत ही interesting protocol के बारे में बताने जा रहा है, जिसका नाम Aloha protocol (Pure ALOHA and slotted ALOHA in Hindi) है | Aloha एक MAC सब लेयर प्रोटोकॉल है, या हम यह भी कह सकते है की यह एक data link प्रोटोकॉल है | क्योकि MAC लेयर भी data link लेयर की ही सब लेयर है |

mac-sublayer-protocol
Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi: ALOHA- mac-sub-layer-protocol

आप लोगो ने अगर इससे पहले अलोहा(ALOHA- Pure ALOHA and slotted ALOHA) के बारे में पढ़ा होगा तो अपने इसके दो प्रकार के बारे में जरूर पढ़ा होगा एक जिसको हम pure Aloha कहते है, और दूसरे वाले को हम slotted Aloha कहते है |

यह दोनों ही MAC sublayer के collision protocol कहते है |Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi|

इस तरह के सिस्टम(ALOHA) में potential collision होने के चांस बहुत रहते है क्योकि इसमें बहुत सारे stations डाटा भेजने के लिए same channel share करते है |Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi|

और जब कोई दो या इससे अधिक stations एक टाइम पर डाटा transmit कर देते है तो उनके बीच collision हो जाता है |Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi|

तो इस पूरे arrangement , collision और प्योर अलोहा और स्लॉटेड अलोहा को समझने के लिए हमें इसे इसके डिटेल में जाना पड़ेगा, सबसे पहले pure Aloha और slotted Aloha को अलग अलग देखते है |

Original Aloha प्रोटोकॉल को ही हम pure Aloha कहते है | यह बहुत ही सरल प्रोटोकॉल है | इसके अंतर्गत कोई भी स्टेशन जिसके पास भेजने के लिए डाटा और फ्रेम है वो अपना डाटा ट्रांसमिट कर सकते है|

चूकि यह सारे स्टेशन एक कॉमन चैनल ही शेयर करते है डाटा को भेजने के लिए इसलिए इस सिस्टम में डाटा फ्रेम के बीच collision के चांस बहुत ज्यादा होते है | निचे दिए हुए चित्र में आप इस pure Aloha में होने वाले collision को उदाहरण के साथ देख सकते है |

frames in a pure aloha
Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi: Frames in a pure aloha

यहाँ पर चार stations है जो की एक दूसरे से जुड़े हुए है ताकि वो कॉमन चैनल को access कर पाए | जैसा की चित्र में दिखाया गया है कि, प्रत्येक स्टेशन दो फ्रेम सेंड करता है | इसका मतलब shared मध्यम में total ८ फ्रेम्स है |

इनमे से कुछ फ्रेम्स के बीच collision हो जाता है क्योंकि वो एक ही टाइम पर shared चैनल में आ जाते है | हम चित्र में साफ़ देख सकते है कि केबल फ्रेम १.१ from स्टेशन १ और फ्रेम 3.2 from स्टेशन 3 को ही successful access service मिल पाती है |

एक जानने वाली बात यह भी है कि अगर इस कॉमन चैनल में दो फ्रेम्स का एक बिट भी collide करता है तो भी दोनों डाटा फ्रेम ख़तम हो जायेंगे |

और जब इस तरह कोई frames distroyed होते है तो ऐसे फ्रेम्स को दुबारा भेजना पड़ता है | इसके लिए pure Aloha प्रोटोकॉल पूरी तरह से रिसीव के acknowledegemnts पर depend करता है |

जब कोई स्टेशन फ्रेम भेजता है तो वह रिसीवर से acknowledgement कि expectation रखता है, और जब एक निश्चित समय के बाद भी acknowledgement नहीं आता तो सेन्डर समझ लेता या तो फ्रेम डिस्ट्रोएड हो गया है या फिर acknowledgement distroyed हो गया है | इसलिए उसे फ्रेम को दुबारा भेजना पड़ेगा |

ऐसी situation में अगर दो या उससे अधिक स्टेशन एक साथ फिर से फ्रेम्स बेज देते है तब फिर एक बार collision कि कंडीशन बन जाती है| इसलिए इस चीज़ को रोकने के लिए एक प्रक्रिया बनाई गयी, जिसके अंतर्गत, जब भी किसी स्टेशन का टाइम आउट पीरियड ख़तम होता है तो वह स्टेशन सभी स्टेशन को dictate व सूचित कर देता है |

तब सभी स्टेशन एक random टाइम के लिए इंतज़ार करते है कोई भी फ्रेम दुबारा भेजने से पहले. इस method का यूज करके collision को काफी हद तक काम कर लिए जाता है|

इसके दूसरी तरफ स्लॉटेड अलोहा का इन्वेंशन इस प्योर अलोहा प्रोटोकॉल कि एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए किया गया था| स्लॉटेड अलोहा कि मदद से प्योर अलोहा में आने वाली डाटा collision की प्रॉब्लम को काफी हद तक काम कर लिया गया |

इस स्लॉटेड अलोहा(Slotted Aloha) प्रोटोकॉल arrangement के अंतर्गत हम टाइम को कई स्लॉट में डिवाइड कर लेते है | और सभी स्टेशन को फाॅर्स करते है की वो फ्रेम को किसी भी टाइम स्लॉट के शुरू में ही भेजे | निचे दिए हुए चित्र में आप स्लॉटेड अलोहा प्रोटोकॉल में फ्रेम collision को देख सकते है |

frames in a slotted aloha network
Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi: Frames in a slotted aloha network

कोई भी स्टेशन तभी कोई डाटा फ्रेम भेज सकता है जब किसी टाइम स्लॉट की शुरुआत हो, यानि की टाइम स्लॉट की शुरुआत में ही कोई स्टेशन डाटा और फ्रेम भेज सकता है| अगर कोई स्टेशन शुरुआत में फ्रेम नहीं भेज पाया तो उसे नए टाइम स्लॉट की शुरआत होने तक इंतज़ार करना पड़ेगा|

लेकिन इस सब के बाबजूद एक ऐसी पॉसिबिलिटीज है जहाँ पर collision हो सकता है|

अगर कोई स्टेशन एक साथ किसी भी टाइम स्लॉट की शुरुआत में फ्रेम भेज दे तब collision हो सकता है | हलाकि स्लॉटेड अलोहा में vulnerable टाइम काफी काम कम हो जाता है|

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आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट ‘Pure Aloha and Slotted Aloha In Hindi ‘ को खूब एन्जॉय किया होगा|

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आपका समय शुभ हो|

Anurag

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