ACID Properties In DBMS In Hindi?

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(ACID Properties In DBMS In Hindi) में हम आपको डेटाबेस के अंतर्गत ACID प्रॉपर्टीज को हिंदी में डिसकस करने वाले है | ACID properties का फुल फॉर्म होता है A – Atomicity , C – Consistency , I – Isolation , D – Durability |

चलिए अब इन सभी ACID(ACID Properties In DBMS In Hindi) प्रॉपर्टीज को एक एक कर के explain करते है:

Atomicity :

इस Atomicity प्रॉपर्टी के अंतर्गत आपके द्वारा किये जा रहे किसी भी ट्रांसक्शन की केवल दो स्टेट होती है | या तो ट्रांसक्शन fail होता है या फिर ट्रांसक्शन success होता है |ACID Properties In DBMS In Hindi|

ऐसा कभी नहीं होता की ट्रांसक्शन अभी आधा कम्पलीट हुआ है अभी थोड़ी देर में पूरा हो जायेगा, मतलब partially completed जैसी कोई भी स्टेट नहीं होती है|

जैसे आपने कई बार एटीएम पर इस समस्या को फेस किया हो सकता है कि आप पैसे निकालते है पर पैसे तो नहीं निकलते है पर आपका balance deduct हो जाता है |

पर दोस्तों atomicity प्रॉपर्टी के अंतर्गत सिस्टम में केवल दो तरह के ट्रांसक्शन स्टेटस होते है सक्सेस और फेलियर| तो अगर आपका पैसा एटीएम मशीन से बाहर नहीं आया है पर आपके पास पैसे काटने का मैसेज आ गया है | फिर भी आप यह मान के चलिए कि आपका पैसा कही पर भी नहीं गया |

यह तो सिर्फ एक SMS अलर्ट था और सिर्फ नंबर में कुछ टाइम के लिए हेर फेर हो जाता है | पर atomicity प्रॉपर्टी यह assure करती है की अगर आपका ट्रांसक्शन सक्सेस नहीं हुआ तो फिर आपका ट्रांसक्शन को तुरंत या थोड़ी समय के बाद रिवर्स कर देती है | मतलब कि आपका कटा हुआ पैसा वापिस आपके बैलेंस में दिखने लगता है |

Consistency :

यह एसिड प्रॉपर्टीज यह ensure करती है की ट्रांसक्शन के पहले और ट्रांसक्शन के बाद दोनों अकाउंट का प्लस बैलेंस बराबर होना चाहिए|

मान लीजिये एक अकाउंट A ने अकाउंट B में कुछ पैसे ट्रांसफर करना है तो पैसे ट्रांसफर करने से पहले A +B की जो वैल्यू होगी वही वैल्यू अमाउंट ट्रांसफर करने के बाद होगी |

Isolation:

इस ACID प्रॉपर्टी के अंतर्गत कोई भी ट्रांसक्शन एक दूसरे पर कोई impact नहीं करता | अगर कुछ trnasaction simultanious और paralelly एक्सेक्यूटे होते है तो फिर वो transaction तभी एक्सेक्यूटे होंगे अगर वो सिस्टम में सिंगल ट्रांसक्शन है |

एक्साम्प्ले के लिए अकाउंट A अकाउंट B में कुछ पैसे ट्रांसफर कर रहा है | और ठीक उसी समय कोई अकाउंट A का बैलेंस चेक कर रहा है | तो ऐसे स्थिति में अगर दोनों ट्रांसक्शन एक साथ परफॉर्म हो गए तो फिर अकाउंट के बैलेंस की जानकारी गलत जा सकती है |

पर ऐसे होता नहीं है पहले ट्रांसफर कमांड एक्सेक्यूटे होगा और फिर इसके बाद फिर अकाउंट A की balance query एक्सेक्यूटे होगी| इससे यूजर को अकाउंट A के सही बैलेंस की जानकरी लगेगी|

Durability :

इस ACID प्रॉपर्टी के अंतर्गत अगर कोई transaction का execution तो सक्सेसफुल हो जाता है पर डेटाबेस में उसकी वैल्यू अपडेट करने से पहले ही सिस्टम fail हो जाता है | तो ऐसे स्थिति में भी जब सिस्टम दुबारा से सही होगा वैसे ही सबसे पहले यह updation का काम होगा जो की लाइनअप है |

इस प्रॉपर्टी की मदद से हम सभी ट्रांसक्शन को डेटाबेस में अपडेट करते है और कोई भी ट्रांसक्शन सिस्टम failure की वजह से miss नहीं होता है |

Conclusion:

तो दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट(ACID Properties In DBMS In Hindi) में हमने ACID properties के बारे में जाना और समझा कि कैसे ACID प्रॉपर्टीज हमारे ट्रांसक्शन को secure और consistent बनाती है | और इसकी मदद से हम आसानी से बिना किसी डर के अपने ट्रांसक्शन कर पातें है फिर चाहे वो बैंक से रिलेटेड ट्रांसक्शन हो या फिर किसी और डिपार्टमेंट से रिलेटेड| ACID प्रॉपर्टीज यह ensure करती है है कि डेटाबेस में अथवा ट्रांसक्शन में किसी भी तरह का confliction न हो और न ही कोई गलती हो | जिससे की यूजर का डाटा सही तरीके से मैनेज हो सके और वह बिना किसी दिक्कत के अपने ट्रांसक्शन को execute कर सके|

इस ब्लॉग(ACID Properties In DBMS In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट(ACID Properties In DBMS In Hindi) को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.

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