What Is Margin Trading In Hindi?|मार्जिन ट्रेडिंग क्या है?

हेलो दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट(What Is Margin Trading In Hindi) में मैं आपको शेयर मार्किट के अंतर्गत होने वाली Margin trading के बारे में बताने वाला हूँ| Margin trading का सीधा सा मतलब होता है उधर लेना |

जब आप शेयर मार्किट में शेयर खरीदने के लिए ब्रोकर से कुछ पैसे उधर लेते हो तो इसे ही हम मार्जिन ट्रेडिंग का नाम दे देते है |What Is Margin Trading In Hindi|

अगर आप शेयर मार्किट में पैसा इन्वेस्ट करने की सोच रहे है तो फिर यह Margin trading आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकती है |What Is Margin Trading In Hindi|

क्योकि generally हर किसी इन्वेस्टर के पास शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करने के लिए बड़ी रकम नहीं होती है | ज्यादा से ज्यादा लोग 30000 से लेकर 100000 तक रुपए की जुगाड़ करके शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करते है | पर इतने पैसे से ज्यादा और जल्दी पैसे बनना हो तो फिर Margin trading के बिना पॉसिबल नहीं है |What Is Margin Trading In Hindi|

example के लिए अगर आपके demat अकाउंट में 20000 रुपया है तो आप इसका उसे करके 200000 तक के शेयर खरीद सकते है | मतलब अपनी रकम से 10 गुना | और यह Margin मनी हर ट्रेडिंग सेक्शन के लिए अलग अलग होती है |

आखिर broker आपको कितना तक Margin दे सकता है ?

देखिये इसके लिए पहले तो कुछ strict रूल्स नहीं थे पर अभी कुछ सालो के अंदर एक दो बड़े फ्रॉड होने के कारन SEBI ने अब बहुत से नए बदलाव कर दिए है, जिसमे peak Margin को ले कर भी कुछ नए नियम आये है |

नहीं तो अब से कुछ टाइम पहले तक तो broker कई गुना तक intraday Margin क्लाइंट को दे दिया करते थे | पर अब थोड़ा बहुत रूल चेंज हो गए है | और अब intraday trading में ७५% मार्जिन रखना जरुरी है और बाकि 25 % मार्जिन ब्रोकर आप को दे देगा |

पर future और option में broker आपको कई गुना मार्जिन अभी भी दे सकते है | और यह Margin आपके ब्रोकर पर depend करता है | कुछ लोग बहुत ज्यादा levrage दे देते है और कुछ ब्रोकर थोड़ा काम Margin देते है |

Margin trading कैसे की जाती है और इसमें कौन कौन सी important बातों का ध्यान रखा जाता है ?

Margin trading के लिए सबसे पहले आपको अपना Margin account खोलना होगा | आज कल सभी ब्रोकर एक ही account में demat , trading और Margin अकाउंट की facility प्रोवाइड करते है | आपको करना बस इतना है की अपना Margin trading account activate करना है या फिर enable करना है |

अगर आपको इसके बारे में कोई idea नहीं है तो आप सीधे अपने ब्रोकर हेल्प सपोर्ट से इस बारे में जानकारी ले सकते है |

और इसके enable होते ही 24 घंटे के अंदर आपका Margin trading का अकाउंट enable हो जायेगा | और आप Margin का भरपूर मजा ले पाएंगे |

पर Margin अकाउंट खोलने के साथ आपको कुछ बातों का ख्याल रखना जरुरी है :

पहला तो आपको Margin account के साथ एक initial Margin pay करना होता है | और इसके अलावा आपको पूरे session के दौरान एक minimum Margin maintain करके चलना पड़ता है अपने Margin account में |

ऐसा इसलिए क्योकि कभी कभी ऐसे situation बन जाती है की market एक दम से ज्यादा fall हो जाता है तब ऐसे स्थिति में या तो आपको ब्रोकर को ज्यादा Margin brokerage देना पड़ेगा क्योकि वह इस fall की भरपाई अपने Margin से करेगा या फिर ब्रोकर आपके शेयर्स को बेंच भी सकता है अथवा square off कर सकता है |

दूसरा यह है की आपको हर दिन session ख़तम होने से पहले अपनी position square off करनी पड़ेगी | अगर आपने sell कर रखा है तो आपको market session खत्म होने से पहले buy करना पड़ेगा और अगर buy कर रखा है तो session खत्म होने से पहले आपको शेयर को sell करना पड़ेगा |

तीसरा यह की अगर आप अपने शेयर को delivery में कन्वर्ट करना चाहते है तो फिर आपको पूरे share पैसे दे कर खरीदने होंगे जिसके लिए आपके अकाउंट में पैसा होना जरुरी है | क्योकि delivery के लिए ब्रोकर कोई भी मार्जिन प्रोवाइड नहीं करता है | और डिलीवरी में शेयर के मालिक आप हो जाते हो |

और अगर आप ऐसा नहीं कर पातें है तो ब्रोकर already आपके शेयर्स को square off कर देते है | Margin trading beginner के लिए थोड़ी रिस्की हो सकती है क्योकि उन्हें बहुत से रूल्स के बारें में क्लियर जानकारी नहीं होती है |

इसलिए जब तक आप Margin trading के लिए पूरी तरह से confident न हो जाये तब तक इसे try न करें हाँ आप एक छोटे amount के साथ कम Margin ले कर इसे experiment कर सकते है |

क्योकि जब तक थोड़ी रिस्क नहीं लेंगे तब तक आप सीखेंगे कैसे | हाँ पर ध्यान रहे शुरुआत में ही कोई बड़ी capital पर यह experiment न कर देना नहीं तो बड़ा घाटा खा सकते है | और एक बात का और ध्यान रखना है Margin trading कभी भी बिना स्टॉप लोस्स के नहीं करना है |

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Conclusion:

तो दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट(What Is Margin Trading In Hindi) में हमने Margin trading का basic idea लिया है और समझा है की Margin trading क्या होती है और हम इसे कैसे कर सकते है | और Margin trading करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है | Margin trading में ब्रोकर आपको आपकी कैपिटल के अनुसार आपको कई गुना तक levrage दे देते है | और आप इसका उपयोग करके shares को buy करते है | और अगर शेयर ऊपर जाता है तो अच्छा फायदा होता है और नीचे जाता है तो तगड़ा घाटा भी हो सकता है | इसलिए पहले से ही अपना अफोर्डेबल घाटा स्टॉप लोस्स लगा कर बुक कर ले |

इस ब्लॉग(What Is Margin Trading In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट What Is Margin Trading In Hindi को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|What Is Margin Trading In Hindi|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.