Circular Linked List In Hindi| Circular Linked List क्या होती है?| Circular Linked List Advantages In Hindi|

हेलो फ्रेंड्स, इस blog पोस्ट(Circular Linked List In Hindi) में मैं आपको Circular Linked list के बारे में बताने वाला हूँ | जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है की यह Circular Linked list एक circle की तरह होती है | इस list में first और last node same ही होते है |

Circular linked list(Circular Linked List In Hindi) के हर नोड में Linked list के जैसे ही दो फील्ड होती है | एक फील्ड में Data और information होती है और दूसरी फील्ड में अगले node का address अथवा address pointer होता है जिससे कि हमें अगले नोड के एड्रेस का पता चलता है |

Linked linked list(Circular Linked List In Hindi) के case में तो हम first node को एक एक्सटर्नल पॉइंटर द्वारा पॉइंट कर लेते थे और लास्ट नोड के एड्रेस फील्ड में हम null वैल्यू डाल देते थे |

पर Circular Linked list को traverse करते समय हमें बहुत सी सावधानी बरतनी चाहिए| क्योकि Circular Linked list के केस में हम infinite लूप में फंसा सकते है अगर हम end node को अच्छे से डिटेक्ट नहीं कर पाए तो |Circular Linked List In Hindi|

इस infinite loop की समस्या को सुलझाने के लिए हम इसके first node को एक external pointer द्वारा पॉइंट करा सकते है | और इस नोड को ही हम लास्ट नोड, end point , stop point consider करते है |

circularlinkkedlist
Circular linked list

या फिर हम एक alternative काम यह कर सकते है कि हम लिस्ट में पहले नोड को header नोड बना लेते है और इस नोड की info फील्ड में हम कोई special value रख देते है जो कि और node की डाटा और information value से बिलकुल ही अलग होगी|

और जब भी लिस्ट traverse करते करते इस header node पर पहुंचेगी तो हम इसे अपना halt और stop point मान कर रुक जायेंगे|

चलिए अब आगे हम Circular Linked list से जुड़े कुछ और important questions को discuss करते है |

Circular Linked list क्या है?

यह Linked list की तरह ही होती है बस इसके last node में first node का address होता है इसलिए फिर यह पूरा circle बन लेती है | इसलिए हम इसे Circular Linked list कहते है |

Linked list के कौन कौन से प्रकार होते है ?

Linked list के मुख्य तीन प्रकार होते है:

Sinlgy Linked list
doubly Linked list
Circular Linked list

Circular Linked list का principle क्या है?

जैसा कि हमने ऊपर पढ़ा कि Circular Linked list में last node में first node का address होता है | इस तरह हम single Linked list और double Linked list को भी Circular Linked list बना सकते है | और जो Circular Linked list का main प्रिंसिपल होता है वो है OS के द्वारा time sharing की problem को solve करना |

आप कैसे पता लगा सकते है कि Linked list Circular(Circular Linked List In Hindi) है या नहीं ?

यह चेक करना बहुत ही आसान है आप इसके लिए एक function रन करा सकते हो | अगर फर्स्ट नोड का एड्रेस वैल्यू और लास्ट नोड की एड्रेस फील्ड की वैल्यू मैच करने पर रिजल्ट true आता है तो लिस्ट Circular Linked list है और अगर result false return करता है तो फिर Circular Linked list नहीं है |

Circular Linked list की advantages क्या क्या है ?

Circular Linked list की advantages निम्नलिखित है :

Circular Linked list queue के implementation में बहुत useful है|
Circular Linked list में कोई भी नोड starting पॉइंट हो सकता है |
ऐसे application जहाँ पर प्रोसेस बार बार रिपीट होती है के लिए Circular Linked लिस्ट बहुत suitable होती है |
doubly Circular Linked लिस्ट एडवांस डाटा स्ट्रक्चर के लिए use की जाती है |

Circular linked list के क्या क्या एप्लीकेशन है ?

Circular linked list के application नीचे दिए हुए है :

एक तो real life application जो Circular linked list है है वो है हमारा personal computer जहाँ पर एक साथ कई application run या execute होते है |
और दूसरा example है multiplayer गेम्स
Circular queue को क्रिएट करने में Circular linked लिस्ट का उपयोग कर सकते है |

Circular linked list के advantages क्या क्या है ?

Circular linked list की कुछ advantages इस तरह है:

null value assign करने की कोई जरुरत नहीं होती है code में|
जब तक Circular linked list fully deallocated नहीं होती है तब तक यह कभी भी null pointer को पॉइंट नहीं करती है|
Circular linked list end operation के लिए बहुत फायदेमंद होती है क्योकि इसमें starting और ending point same ही होते है |

एक Circular linked list और normal list में क्या अंतर होता है ?

वैसे तो Circular linked list एक नॉरमल लिस्ट का ही एक variant होता है | पर इनमे एक डिफरेंस यह होता है कि जब normal linked list empty होती है तो उसका head null को point करता है | और जब एक Circular linked list empty होती है तो फिर उसका जो लास्ट नोड होता है वो हेड को पॉइंट करता है | Circular linked list में लिस्ट सर्किल फॉर्म में रहती है तो यह एक लूप जैसे होती है | और यहाँ पर first और last node same होता है |

Circular linked list के drawbacks क्या क्या है?

वैसे तो Circular linked list के कई drawbacks है पर उनमे से एक ये है कि अगर हम Circular linked list के start में कुछ insert करना चाहते है तो फिर हमें Circular linked list के last node को सर्च करना होगा जो कि थोड़ा costly हो सकता है पर यह implementation पर depend करता है |

Circular linked list और Circular queue में क्या डिफरेंस है?

Circular queue queue को implement करने का एक तरीका है | जब हम array की सहायता से किसी queue को implement करते है तो फिर queue का जो tail होता है वो wrap होकर array के starting नोड पर आ जाता है | और Circular linked list में जो head होता है वो आलरेडी tail को पॉइंट करता है |

Conclusion:

तो दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट(Circular Linked List In Hindi) में हमने Circular Linked list के बारे में पढ़ा | यह single Linked list जैसे ही होती है बस इस लिस्ट में लास्ट नोड के एड्रेस नोड के एड्रेस फील्ड में फर्स्ट नोड का एड्रेस होता है जो इसे Circular Linked list बना देता है | हम single और doubly Linked list को आसानी से Circular Linked लिस्ट में कन्वर्ट कर सकते है | Circular Linked list के केस में हम infinite loop की porblem में फस सकते है इसलिए इसे traverse करते समय हमें कुछ सावधानी बरतनी होती है |

इस ब्लॉग(Circular Linked List In Hindi) को लेकर आपके मन में कोई भी प्रश्न है तो आप हमें इस पते [email protected]पर ईमेल लिख सकते है|

आशा करता हूँ, कि आपने इस पोस्ट Circular Linked List In Hindi को खूब एन्जॉय किया होगा|

आप स्वतंत्रता पूर्वक अपना बहुमूल्य फीडबैक और कमेंट यहाँ पर दे सकते है|Circular Linked List In Hindi|

आपका समय शुभ हो|

Anurag

I am a blogger by passion, a software engineer by profession, a singer by consideration and rest of things that I do is for my destination.

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